ऑटोएज 2026 कार्यक्रम में भारत के ऑटोमोबाइल क्षेत्र की प्रमुख कंपनियाँ एक साथ आईं। कार्यक्रम में पैनल चर्चाएँ, तकनीकी प्रस्तुतियाँ और विशेषज्ञों के विचार शामिल रहे, जिसमें ऑटोमोबाइल उद्योग के भविष्य के रुझानों पर चर्चा की गई
रायपुर (ट्रैक सिटी)/ भारत की प्रमुख एल्युमीनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमीनियम (BSE: 544780 | NSE: VAML) ने अपने सबसे ज्यादा बिकने वाले प्राइमरी फाउंड्री अलॉय (पीएफए) रेंज के तहत दो नए और उन्नत उत्पाद लॉन्च किए हैं। इनमें कॉपर-डोप्ड अलॉय, जिसे हाई-परफॉर्मेंस ऑटोमोबाइल के लिए विकसित किया गया है, और वेदांता फाउंड्री अलॉय (वीएफए) शामिल हैं। वीएफए को बेहतर मजबूती और टिकाऊपन के लिए आईआईटी दिल्ली के सहयोग से विकसित किया गया है। ये दोनों नए उत्पाद अगली पीढ़ी के ऑटोमोबाइल बनाने में नई संभावनाएँ लेकर आए हैं। इनकी मदद से हल्के, सुरक्षित और अधिक बेहतर वाहन बनाने में मदद मिलेगी और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में नए अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।
इन दोनों उत्पादों को भारत की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों और एडवांस्ड ऑटोमोबाइल कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के सामने ऑटोएज 2026 (AutoEdge 2026) में पेश किया गया। यह वेदांता एल्युमीनियम का ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए विशेष कार्यक्रम है। अब अपने दूसरे संस्करण में आयोजित ऑटोएज 2026 में कई पैनल चर्चाएँ, तकनीकी प्रस्तुतियाँ और विशेषज्ञों के विचार शामिल रहे, जिनमें ऑटोमोबाइल उद्योग के भविष्य के रुझानों पर चर्चा की गई।
वेदांता एल्युमीनियम दुनिया की सबसे बड़ी प्राइमरी बिलेट उत्पादक कंपनी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित बाल्को प्लांट में चल रहे क्षमता विस्तार के पूरा होने के बाद कंपनी की बिलेट उत्पादन क्षमता 12.5 लाख टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) हो जाएगी। कंपनी भारत की सबसे बड़ी पीएफए उत्पादक भी है, जिसकी मौजूदा उत्पादन क्षमता 3.8 लाख टन प्रति वर्ष (केटीपीए) है। वेदांता के ऑटोमोबाइल पोर्टफोलियो में अलॉय व्हील, सिलेंडर हेड, इंजन के हिस्सों और अन्य ऑटोमोबाइल कास्टिंग में इस्तेमाल होने वाले पीएफए उत्पाद शामिल हैं। इसके अलावा, एचवीएसी और दुर्घटना के दौरान ज्यादा सुरक्षा देने वाले इंजीनियरिंग उत्पादों के लिए विशेष बिलेट्स भी बनाए जाते हैं। कंपनी अपने पोर्टफोलियो में वैल्यू-एडेड उत्पादों की हिस्सेदारी 90% तक बढ़ाने पर भी काम कर रही है। यह भारत और दुनियाभर में उच्च गुणवत्ता और टिकाऊ तरीके से तैयार एल्युमीनियम की बढ़ती माँग को पूरा करने के लिए किया जा रहा है।
वेदांता एल्युमीनियम के सीईओ राजेश कुमार ने कहा, “भारत का ऑटोमोबाइल उद्योग तेजी से बदल रहा है और इसमें हल्के, मजबूत और बेहतर मटेरियल की माँग बढ़ रही है। एल्युमीनियम अपने हल्के वजन, मजबूती, टिकाऊपन, जंग से बचाव और बार-बार रीसायकल किए जा सकने की क्षमता के कारण इन जरूरतों को पूरा करने के लिए बेहतर विकल्प है। वेदांता एल्युमीनियम में हम अपने ऑटोमोबाइल ग्रेड उत्पादों को नई पीढ़ी की उन्नत धातुओं के साथ और मजबूत कर रहे हैं। ये उत्पाद भारत में ही विकसित और तैयार किए गए हैं और इनमें विश्वस्तरीय गुणवत्ता और प्रदर्शन को ध्यान में रखा गया है। ये नए उत्पाद हमारे ‘मेक इन इंडिया’ के प्रयास को और मजबूत करते हैं और देश में वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता तैयार करने में योगदान देते हैं।”
इन दोनों नए उत्पादों को ऑटोमोबाइल उद्योग में हल्के, ज्यादा बेहतर और कठिन परिस्थितियों में भी अच्छा प्रदर्शन करने वाले वाहनों की बढ़ती जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कॉपर-डोप्ड अलॉय में कॉपर की मजबूती देने वाली खूबियों का इस्तेमाल किया गया है। इससे इसकी मजबूती, घिसाव से बचने की क्षमता और ज्यादा तापमान में प्रदर्शन बेहतर होता है। इसलिए यह इंजन, ट्रांसमिशन और पॉवरट्रेन के महत्वपूर्ण हिस्सों के लिए खास तौर पर उपयोगी है। वहीं, वेदांता फाउंड्री अलॉय (वीएफए) में कम वजन के साथ ज्यादा मजबूती, जंग से बेहतर बचाव और बेहतर कास्टिंग क्षमता दी गई है। यह इसे पारंपरिक और इलेक्ट्रिक दोनों तरह के वाहनों में कई तरह के इस्तेमाल के लिए उपयुक्त बनाता है।
इन दोनों नए उत्पादों की मदद से ऑटोमोबाइल निर्माता कंपोनेंट्स की उम्र बढ़ाने, वाहनों की दक्षता और भरोसेमंद प्रदर्शन को बेहतर करने और अगली पीढ़ी की मोबिलिटी की बदलती जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होंगे। अपनी बढ़ती आरएंडडी क्षमताओं के साथ, वेदांता एल्युमीनियम ओईएम और ऑटोमोबाइल कंपोनेंट निर्माताओं के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि उन्नत और बेहतर मटेरियल सॉल्यूशंस तैयार किए जा सकें।
इस बढ़ते पोर्टफोलियो से भारत के ऑटोमोबाइल क्षेत्र में लोकल मैन्युफैक्चरिंग, मजबूत सप्लाई चेन और जरूरी कच्चे माल के लिए आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी। भारत इस समय दुनिया का सबसे बड़ा टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर बाजार है और पैसेंजर और कमर्शियल वाहनों के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार है। भारत में तैयार और विकसित किए गए हाई-परफॉर्मेंस, ऑटोमोबाइल-ग्रेड अलॉय की उपलब्धता बढ़ाकर वेदांता एल्युमीनियम वाहन निर्माताओं को देश से ही ज्यादा सामान खरीदने, आयात पर निर्भरता कम करने और मजबूत व भविष्य के लिए तैयार वैल्यू चेन बनाने में मदद कर रहा है। यह पहल आत्मनिर्भर भारत के विजन के तहत भारत को वैश्विक ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लक्ष्य को सीधे समर्थन देती है।
वेदांता एल्युमीनियम ने अपने नए उत्पादों में गुणवत्ता और टिकाऊपन को खास महत्व दिया है। इसके चलते कंपनी के ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और अब उसके ग्राहक 60 से ज्यादा देशों में हैं। इनमें अमेरिका, जापान, इटली, फ्रांस और जर्मनी जैसे प्रमुख ऑटोमोबाइल बाजार भी शामिल हैं। कंपनी के सभी उत्पाद वेदांता मेटल बाजार के जरिए भी उपलब्ध हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा नॉन-फेरस मेटल्स ई-स्टोर है। हाल ही में कंपनी ने अपने वैश्विक ग्राहकों के लिए इसमें नया एक्सपोर्ट मॉड्यूल भी शुरू किया है।
ओडिशा के झारसुगुड़ा और छत्तीसगढ़ के कोरबा (बाल्को) में स्थित वेदांता एल्युमीनियम के स्मेल्टर को टिकाऊ तरीके से काम करने के लिए दुनिया भर में मान्यता प्राप्त एल्युमीनियम स्टीवर्डशिप इनिशिएटिव (एएसआई) के परफॉर्मेंस स्टैंडर्ड से प्रमाणित किया गया है। इसके अलावा, कंपनी के उत्पादों की पूरी रेंज भारत में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के सभी लागू मानकों के तहत प्रमाणित होने वाली पहली रेंज है। कंपनी का फोकस ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए काम करने पर है। इसके तहत जरूरत के अनुसार अलॉय तैयार करना, आधुनिक तकनीक से उत्पादन और पूरी तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे ऑटोमोबाइल उद्योग को बेहतर उत्पाद और अधिक मूल्य मिल सके।
