रायपुर/कोरबा (ट्रैक सिटी)। शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को नवा रायपुर के तुता मैदान में प्रदेशभर से हजारों TET उत्तीर्ण शिक्षक जुटे। शिक्षकों ने लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने की मांग को लेकर ‘TET आधारित पदोन्नति न्याय सत्याग्रह’ किया। सत्याग्रह के बाद शिक्षक शिक्षा मंत्री के निवास की ओर रवाना हुए और शासन से नियमों के अनुरूप पदोन्नति प्रक्रिया तत्काल पूरी करने की मांग की।
टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक कल्याण संघ छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों ने कहा कि पदोन्नति प्रक्रिया में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की गाइडलाइन तथा छत्तीसगढ़ शासन के राजपत्र में उल्लेखित प्रावधानों का पालन किया जाना चाहिए। शिक्षकों का कहना है कि टीईटी आधारित पदोन्नति से विद्यालयों में विषयानुकूल योग्य एवं पात्र शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
संघ के प्रांताध्यक्ष राकेश मिश्रा ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय और NCTE के प्रावधानों के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति एवं पदोन्नति में TET की योग्यता महत्वपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों के बावजूद पदोन्नति प्रक्रिया में लगातार देरी हो रही है, जिससे पात्र शिक्षकों में असंतोष है। उन्होंने सरकार से वरिष्ठता सूची जारी कर जल्द पदोन्नति आदेश जारी करने की मांग की।
गरियाबंद से आए जितेंद्र साहू ने बताया कि विभाग की ओर से पदोन्नति प्रक्रिया के लिए 30 जून, 10 अगस्त और 30 अगस्त की समय-सीमा निर्धारित कर पत्र जारी किए गए थे, लेकिन कई स्थानों पर अब तक केवल सूची प्रकाशन की प्रक्रिया ही हो सकी है, जबकि कुछ जगहों पर धरातल पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रदेश उपाध्यक्ष महेंद्र पंत ने दावा किया कि प्रदेश के विद्यालयों में विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों के करीब 14 हजार पद पदोन्नति के माध्यम से भरे जाने हैं। वहीं प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में लगभग 4 हजार प्रधान पाठकों के पद रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि इन पदों पर पदोन्नति होने से बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ विद्यालयों की प्रशासनिक व्यवस्था भी मजबूत होगी। व्याख्याता पदों पर भी पदोन्नति लंबित होने की बात उन्होंने कही।
परमेश्वर साहू ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को लेकर बच्चे और पालक लगातार मांग करते रहे हैं। उनके अनुसार कक्षा 6 से 12 तक के विद्यालयों में बड़ी संख्या में पद पदोन्नति के माध्यम से भरे जाने हैं। ऐसे में लंबित पदोन्नति प्रक्रिया पूरी होने से शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर हो सकती है। प्रधान पाठकों के पदों पर पदोन्नति से स्कूलों की प्रशासनिक व्यवस्था में भी मजबूती आएगी।
संघ के कोषाध्यक्ष युवराज साहू ने कहा कि शिक्षा विभाग को छोड़कर अन्य विभागों में नियमित रूप से पदोन्नति प्रक्रिया अपनाई जाती रही है, लेकिन शिक्षा विभाग में वर्षों से पदोन्नति प्रक्रिया लंबित है। उन्होंने सरकार से इस दिशा में तत्काल पहल करने की मांग की।
सत्याग्रह में शामिल शिक्षकों ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से अपील की कि शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा लिए जा रहे सकारात्मक निर्णयों की कड़ी में लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए। शिक्षकों ने शैक्षणिक, व्यावसायिक और शिक्षक पात्रता से जुड़े नियमों का पालन करते हुए वरिष्ठता सूची जारी करने तथा जल्द पदोन्नति आदेश जारी करने की मांग दोहराई।
न्याय सत्याग्रह में चेमन साहू, नारायण प्रसाद, खिलेश साहू, सुरेश नंद, मनोज जायसवाल सहित प्रदेशभर से बड़ी संख्या में TET उत्तीर्ण शिक्षक शामिल हुए।

