*प्रत्येक हिस्ट्रीशीटर पर विशेष निगरानी एवं जिम्मेदारी तय*
*37 प्रकरणों में अभिलेख पूर्ण कर निगरानी व्यवस्था सुदृढ़*
*05 मृत हिस्ट्रीशीटर हटाए गए, 05 को सुधार के आधार पर माफी*
*माह अंत तक 86 हिस्ट्रीशीट खोलने का लक्ष्य निर्धारित*
कोरबा (ट्रैक सिटी)/ कोरबा पुलिस द्वारा जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं असामाजिक तत्वों पर सतत निगरानी रखने के उद्देश्य से “सजग कोरबा – सतर्क कोरबा” अभियान के तहत सख्त एवं संगठित कार्यवाही लगातार की जा रही है।
इसी क्रम में अब तक कुल 49 हिस्ट्रीशीट खोली गई हैं, जिनमें 17 गुंडा बदमाश, 31 निगरानी बदमाश तथा 01 गैंग हिस्ट्रीशीट (डीजल चोरी से संबंधित) शामिल हैं, जिन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
नवीन हिस्ट्रीशीटरों का चयन सुनियोजित तरीके से किया गया है, जिसमें पिछले 03 वर्षों में जेल जा चुके आरोपियों के डाटाबेस का विश्लेषण कर ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित किया गया है, जिनके विरुद्ध 02 या उससे अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं एवं उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।
निगरानी बदमाश श्रेणी में चोरी, लूट, डकैती एवं अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों में संलिप्त आरोपियों को शामिल किया जाता है, जबकि गुंडा बदमाश श्रेणी में ऐसे व्यक्तियों को रखा जाता है, जो शरीर संबंधी अपराध जैसे मारपीट, गंभीर चोट एवं जानलेवा हमले में लिप्त पाए जाते हैं।
प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक हिस्ट्रीशीटर/आरोपी की निगरानी का दायित्व पृथक-पृथक पुलिस कर्मियों को सौंपा गया है, जिससे उनकी गतिविधियों पर निरंतर नजर रखी जा सके और किसी भी आपराधिक गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
इसके अतिरिक्त 37 प्रकरणों में आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर अभिलेख प्राप्त कर लिए गए हैं, जिससे निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया गया है।
समीक्षा के दौरान 05 हिस्ट्रीशीटरों के मृत पाए जाने पर उन्हें सूची से हटाया गया है, वहीं 05 बदमाशों को आचरण में सुधार पाए जाने के आधार पर निगरानी से मुक्त (माफी बदमाश) किया गया है।
कोरबा पुलिस द्वारा माह के अंत तक कुल 86 हिस्ट्रीशीट खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिस पर तीव्र गति से कार्यवाही जारी है।
इस प्रकार की सतत एवं योजनाबद्ध कार्रवाई से जिले में अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाते हुए कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखा जा रहा है।
अंत में आमजन से अपील की जाती है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, जिससे समय रहते आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

