कोरबा

सभापति की पाठशाला में निखरी बच्चों की प्रतिभा, मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान

चोरभट्ठी प्राथमिक शाला पहुंचे निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर, सवाल-जवाब के जरिए परखा शैक्षणिक स्तर; नियमित स्कूल आने वाले और प्रतिभाशाली बच्चों को किया पुरस्कृत

कोरबा(ट्रैक सिटी)। बच्चों की प्रतिभा को पहचानने, उनका आत्मविश्वास बढ़ाने और शिक्षा के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से शुरू की गई पहल ‘सभापति की पाठशाला’ के तहत नगर पालिक निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर मंगलवार को कोरबा विधानसभा के अंतिम छोर पर स्थित चोरभट्ठी गांव के शासकीय प्राथमिक शाला पहुंचे। यहां उन्होंने नन्हे विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया और हिंदी, अंग्रेजी, गणित सहित खेल-कला से जुड़े सवाल पूछकर उनकी समझ और शैक्षणिक स्तर को परखा। बच्चों ने भी उत्साह और मासूमियत के साथ सवालों के जवाब दिए।

विद्यालय में बच्चों के बीच पहुंचे सभापति ने पढ़ाई के साथ उनकी रुचियों और प्रतिभाओं को जानने का प्रयास किया। इस दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले तथा नियमित रूप से विद्यालय आने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले बच्चों में शुभम, शिवांगी, सुहानी और आयुष शामिल रहे। सभापति ने बच्चों की मेहनत और लगन की सराहना करते हुए उन्हें आगे भी नियमित पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

मेधावी बच्चों को सम्मान, दूसरों को आगे बढ़ने की प्रेरणा

‘सभापति की पाठशाला’ का उद्देश्य शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत प्रतिभाशाली बच्चों को प्रोत्साहित करना और उनकी उपलब्धियों को पहचान दिलाना है। विद्यार्थियों से सीधे संवाद के माध्यम से उनकी शैक्षणिक क्षमता को समझने के साथ उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। चोरभट्ठी में आयोजित इस पहल के दौरान बच्चों ने विभिन्न विषयों से जुड़े सवालों के जवाब देकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और अपनी रुचि के अनुसार नई चीजें सीखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बच्चों को यह संदेश भी दिया कि मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास से वे अपने ज्ञान को बढ़ाकर भविष्य में बेहतर मुकाम हासिल कर सकते हैं।

प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाने पर जोर

प्राथमिक शिक्षा बच्चों के भविष्य की आधारशिला होती है। इसी स्तर पर पढ़ने-लिखने, गणना करने और विषयों को समझने की बुनियादी क्षमता विकसित होती है। ऐसे में विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनके ज्ञान का आकलन करना और अच्छा प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित करना उन्हें पढ़ाई के प्रति प्रेरित करने का माध्यम बन सकता है। साथ ही, अन्य विद्यार्थियों को भी अपनी क्षमता निखारने और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है।

इस अवसर पर सभापति नूतन सिंह ठाकुर के साथ एमआईसी सदस्य किशनलाल कैवर्त, क्षेत्रीय पार्षद सम्मत कंवर, रतन सिंह तथा विद्यालय की शिक्षिका भुनेश्वरी राठौर उपस्थित रहीं।

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