कोरबा

जिले में उत्पादित जैविक सुगंधित चावल की महक पहुंची राजधानी तक

राज्य स्तरीय गौठान मेला में एक क्विंटल से अधिक चावल की हुई बिक्री

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कोरबा / कोरबा जिले में किसानों द्वारा उत्पादित जैविक सुगंधित चावल की महक राजधानी रायपुर तक पहुंच रही है। राजधानी में आयोजित राज्य स्तरीय गौठान मेला में जिले में उत्पादित एक क्विंटल 10 किलो सुगंधित चावल की बिक्री हो चुकी है। जैविक रूप से उगाये सुगंधित चावल की काफी डिमांड आ रही है। पापुलर होने के साथ लोग सुगंधित चावल को हाथों-हाथ खरीद रहे हैं। उच्च गुणवत्तायुक्त सुगंधित चावल आकर्षक पैकिंग के साथ मेले में प्रदर्शित किया गया है। सुगंधित और जैविक होने के कारण उत्पाद को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र तानाखार के मान गुरू कृषक उत्पादक समूह में शामिल लगभग 150 किसान जैविक विधि से खेती कर सुगंधित चावल का उत्पादन कर रहे हैं। किसानों द्वारा विष्णुभोग, चीनी शक्कर, लौंहदी आदि किस्म के चावल का उत्पादन कर बाजार मे विक्रय किया जा रहा है। रायपुर में 03 से 06 फरवरी तक आयोजित राज्य स्तरीय गौठान मेला में मानगुरू समूह के किसानों द्वारा जैविक चावल के प्रचार-प्रसार एवं बिक्री के लिए स्टाल लगाया गया है। मेला के पहले ही दिन स्टाल में आकर 150 से अधिक उपभोक्ताओं ने सुगंधित चावल के संबंध में पूछताछ कर खरीदी भी की। पहले ही दिन एक क्विंटल से अधिक सुगंधित चावल की बिक्री से समूह के अध्यक्ष रामलाल कवंर एवं अन्य कृषक सदस्य काफी उत्साहित हैं।

उप संचालक कृषि अनिल शुक्ला ने बताया कि कलेक्टर श्रीमती रानू साहू के निर्देशन में कृषि विभाग द्वारा जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने किसानों को जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग की टीम के द्वारा किसानों को लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। किसानों द्वारा उत्पादित सुगंधित चावल की आकर्षक पैकिंग करने में भी विभाग द्वारा सहयोग किया जा रहा है। विकासखंड करतला के अन्तर्गत महामाया समिति नवापारा एवं हरियाली महिला समिति के किसानों द्वारा भी ब्लैक राईस, रेड राईस की खेती के साथ काजू एवं चार प्रोसेसिंग का भी काम किया जा रहा है। महामाया समिति में जुड़े लगभग 882 किसानों द्वारा खेती किया जा रहा है।

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