कोरबा

तंबाकू नियंत्रण हेतु कोटपा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय परिवर्तन दल का प्रशिक्षण संपन्न

कलेक्टर श्री झा ने धुम्रपान मुक्त कोरबा पहल को सफल बनाने ’तंबाकू एक जहर है न खायें न खाने दें’ की अपील की

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तंबाकू नियंत्रण हेतु कोटपा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय परिवर्तन दल का प्रशिक्षण संपन्न
कलेक्टर श्री झा ने धुम्रपान मुक्त कोरबा पहल को सफल बनाने ’तंबाकू एक जहर है न खायें न खाने दें’ की अपील की

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कोटपा अधिनियम के उल्लंघन पर होगी कार्यवाही

कोरबा,03 फरवरी (ट्रैक सिटी न्यूज़) कलेक्टर संजीव झा द्वारा राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत कोटपा अधिनियम 2003 के बेहतर क्रियान्वयन हेतु स्वास्थ्य विभाग एवं तकनीकी सहयोगी संस्था द यूनियन के संयुक्त तत्वाधान में जिला स्तरीय परिवर्तन दल का गठन किया गया है। कोटपा अधिनियम के प्रावधानों की निगरानी एवं उल्लंघन पर कार्यवाही हेतु गठित दल के सदस्यों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिसके तहत जिले में कोटपा अधिनियम के प्रावधानों का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। कलेक्टर संजीव झा ने धुम्रपान मुक्त कोरबा अंतर्गत जिले को धुम्रपान मुक्त करने के उद्देश्य से ‘तंबाकू एक जहर है न खायें न खाने दें’ संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और इनका क्रियान्वयन करने की अपील जिलेवासियों से की है। इसके तहत कोटपा अधिनियम 2003 का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अंतर्गत जिले के समस्त सार्वजनिक स्थानों एवं समस्त शासकीय कार्यालयों में धुम्रपान करना एवं तंबाकू पदार्थ का सेवन करने या इसे प्रोत्साहित करने वाली वस्तुओं को रखने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके उल्लंघन पर 200 रूपए का आर्थिक दण्ड चुकाना होगा। जिले के शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज की सीमा में तंबाकू पदार्थ के विक्रय व 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति के द्वारा व व्यक्ति को तंबाकू पदार्थ बेचा जाना पूर्णतः प्रतिबंधित होगा। उल्लंघन पर 200 रूपए का आर्थिक दण्ड देय होगा। जिले में बिना वैधानिक चेतावनी के वैधानिक चेतावनी वाले तंबाकू पदार्थों के विक्रय करने व तंबाकू पदार्थों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रचार-प्रसार करने पर कोटपा अधिनियम 2003 के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। जिले में खुली या एकल सिगरेट या बीड़ी बेचा जाना प्रतिबंधित होगा और कोटपा अधिनियम के तहत अपराध माना जाएगा। उल्लंघन होने पर कोटपा अधिनियम के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।
जिले में तंबाकू उत्पाद के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता लाने एवं कोटपा अधिनियम 2003 के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सीएमएचओ डॉ एस एन केसरी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक अशरफ अंसारी, जिला नोडल अधिकारी डॉक्टर कुमार पुष्पेश एवं द यूनियन तकनीकी सहयोगी संस्था संभागीय सलाहकार के सहयोग से जिले में गठित प्रवर्तन दल के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में कोटपा अधिनियम 2003 के अंतर्गत प्रावधानों की जानकारी अधिकारियों को दी गई। जिसके तहत कोटपा अधिनियम अंतर्गत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंध, समस्त तंबाकू उत्पादों पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष विज्ञापन प्रतिबंध, 18 वर्ष से कम आयु वर्ग के व्यक्ति के द्वारा तंबाकू उत्पाद का विक्रय पर प्रतिबंध, शैक्षणिक संस्थानों के स्वागत के दायरे में तंबाकू उत्पाद के विक्रय पर प्रतिबंध तथा बिना विशिष्ट चेतावनी की तंबाकू उत्पाद का विक्रय किया जाना पूर्ण रूप से प्रतिबंध के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रावधानों के उल्लंघन होने पर सजा और जुर्माने के प्रावधान की भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में हाल ही में जारी किए गए ई -सिगरेट अधिनियम 2019 के तहत कार्यवाही किए जाने की जानकारी भी दी गई। साथ ही उनके प्रावधानों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया।  अधिनियमों के बारे में संभाग  स्तर से उपस्थित प्रशिक्षक श्री संजय नामदेव  एवं जिला सलाहकार  डॉक्टर नरेंद्र जायसवाल द्वारा बताया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि जिला प्रवर्तन दल में राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, परिवहन विभाग खाद्य एवं औषधि विभाग, श्रम विभाग स्वास्थ्य विभाग, एवं नगरी प्रशासन के सदस्यों को शामिल किया गया है। जिनके द्वारा साप्ताहिक तौर पर कोटपा अधिनियम 2003 के तहत चालानी कार्यवाही की जाएगी। नोडल एजेंसी के रूप में स्वास्थ्य विभाग द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा। चालानी कार्यवाही को बेहतर करने एवं आम जनता को इसकी जानकारी हो इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक प्रचार प्रसार किया जाएगा। तत्पश्चात गठित प्रवर्तन दल द्वारा चालानी कार्यवाही की गतिविधियां प्रारंभ की जाएंगी। क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट श्री संजय तिवारी ने प्रशिक्षण में तंबाकू के दुष्प्रभाव को बताते हुए कहा कि तंबाकू शारीरिक रूप से हानि पहुंचाता है। उसे छोडने के लिए क्या प्रयास किए जाएं इसकी जानकारी देने और जरूरी सलाह के लिए जिला चिकित्सालय में तंबाकू नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना की गई है। उक्त प्रशिक्षण में स्वास्थ्य विभाग पुलिस विभाग, खाद्य एवं औषधि विभाग, श्रम विभाग, परिवहन विभाग ,नगर पंचायत व नगर पालिका ,रेलवे विभाग ,शिक्षा विभाग महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जिला कोषालय, आबकारी विभाग से अधिकारी मौजूद रहे।

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