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अब मजदूर के बच्चे भी बनेंगे अफसर, प्रदेश के 10 जिलों में निशुल्क कोचिंग जुलाई से होगी शुरू

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मुख्यमंत्री की विशेष पहल , श्रम मंत्री के निर्देश पर शुरु होने जा रही निशुल्क कोचिंग की सुविधा

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 मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए निशुल्क कोचिंग सहायता योजना के तहत पीएससी, व्यापम, बैंकिंग प्रतियोगी परीक्षा के लिए मिलेगी निशुल्क कोचिंग

 तीन जिलों के 4 बैच पहले ही चरण में भरे

कोरबा। श्रमिक हितैषी सरकार के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की विशेष पहल और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के निर्देश पर जुलाई से मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए निशुल्क कोचिंग शुरू होने जा रही है। इस योजना के तहत पीएससी, व्यापम, बैंकिंग प्रतियोगी परीक्षा के लिए निशुल्क कोचिंग की सुविधा श्रमिकों के बच्चों को मिलेगी।प्रदेश के 10 जिलों में इस योजना के तहत निशुल्क कोचिंग शुरू होने जा रही है।
श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के पंजीकृत हितग्राहियों के लिए मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु नि:शुल्क कोचिंग (free caoching )सहायता योजना प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी की मंशा है की श्रमिक परिवार के बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए ठोस कदम उठाएं जाएं। श्रमिक परिवार के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाओं की जरूरत है।
इसी तारतम्य में पंजीकृत श्रमिक व पंजीकृत श्रमिक के संतानों को शैक्षणिक योग्यता अनुसार लोक सेवा आयोग, छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल, कर्मचारी चयन आयोग, बैंकिग, रेल्वे, पुलिस भर्ती एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए 4 से 10 माह तक की नि:शुल्क कोचिंग प्रदान की जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक एवं पात्र हितग्राही स्वयं, च्वाईस सेन्टर या श्रम कार्यालय के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन प्रस्तुत कर सकते है।

पंजीकृत श्रमिक की अगर मृत्यु हो चुकी है तब भी मिलेगी सुविधा
यदि हितग्राही की मृत्यु दिनांक 09 जून 2020 से पहले हुई है तो पुराने अधिसूचना के अनुसार योजना के लिए उनके बच्चे पात्र है तथा वे हितग्राही जो नवीन योजना मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना से जुड़े हुए हैं वे भी आवेदन कर इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

ऑफलाइन के साथ–साथ ऑनलाइन भी मिलेगी होगी कोचिंग
यह कोचिंग ऑनलाइन के साथ साथ ऑफलाइन भी मिलेगी। ताकि विभिन्न परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र छात्राओं को दोनों का विकल्प मिल सके। बहुत से छात्र समय या फिर दूरी की वजह से ऑफलाइन ही कोचिंग लेना चाहते हैं, उनको ये सुविधा मिलेगी।

इन जिलों में शुरू होने जा रही सुविधा
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, धमतरी, राजनांदगाव, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर चांपा, महासमुंद जिले में इस योजना की शुरुवात की जा रही है।

छात्र छात्राओं मे उत्साह, तीन जिलों के लिए 4 बैच हुए भरे
निशुल्क कोचिंग योजना के लिए छात्र छात्राओं मे जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रदेश के तीन जिले रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में कुल (50–50) चार बैच अब तक भरे जा चुके हैं। अन्य जिलों से आए आवेदन का परीक्षण कर बैच बनाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।

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