कोरबा

40 हजार किमी का सफर तय कर कोरबा पहुंचे बाइक राइडर मलकीत सिंह, जुनून से रची देशभर की अनोखी यात्रा।

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कोरबा (ट्रैक सिटी)/ जुनून और जज्बा हो तो कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं रहता—इस बात को सच कर दिखाया है राजस्थान के अनूपगढ़ निवासी बाइक राइडर मलकीत सिंह चहल ने। करीब 40 हजार किलोमीटर का लंबा सफर तय कर वे कोरबा पहुंचे, जहां उनका उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया।

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मलकीत सिंह पिछले ढाई वर्षों से लगातार यात्रा कर रहे हैं। इस दौरान वे भारत के 32 राज्यों के साथ नेपाल और भूटान का भ्रमण भी कर चुके हैं। कश्मीर से कन्याकुमारी तक का सफर बाइक से तय करने वाले चहल की यह यात्रा केवल दूरी नापने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की विविधता, संस्कृति और समाज को करीब से समझने का प्रयास है।

उन्होंने बताया कि उनकी यात्रा की शुरुआत किसी महंगी बाइक से नहीं, बल्कि एक इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी से हुई थी। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने हौसले को मजबूत रखा और धीरे-धीरे खुद को लंबी दूरी का अनुभवी राइडर बना लिया। बाइक राइडिंग के प्रति उनके जुनून ने उन्हें अपने रोजगार तक छोड़ने के लिए प्रेरित किया।

मलकीत सिंह का उद्देश्य भारत की सभ्यता, संस्कृति और इतिहास को करीब से समझना और उसे लोगों तक पहुंचाना है। वे अपनी यात्रा के दौरान वीडियो के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों की झलक दिखाते हैं और ऐतिहासिक तथ्यों को अपनी वेबसाइट पर साझा करते हैं। सिख इतिहास पर वे 140 एपिसोड भी लिख चुके हैं।

उन्होंने छत्तीसगढ़ को लेकर अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि यहां आने से पहले उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने की बातें सुनी थीं, लेकिन यहां का वास्तविक माहौल बेहद सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण मिला। उन्होंने कहा कि यहां के लोग बहुत मिलनसार और सहयोगी हैं, जिसने उनकी सोच को पूरी तरह बदल दिया।

मलकीत सिंह अगले 5 से 6 दिनों तक छत्तीसगढ़ में रुककर विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण करेंगे और यहां की संस्कृति, परंपराओं व जीवनशैली को करीब से समझने का प्रयास करेंगे। शहरवासियों ने उन्हें विदा करते हुए युवाओं के लिए प्रेरणा बताया और कहा कि संसाधन सीमित हों तो भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।

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