कोरबा

ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी से मिलती है बेहतर जीवन गुणवत्ता : डॉ. विपिन चंद्र त्यागी।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (1)

कोरबा (ट्रैक सिटी)/ न्यू कोरबा हॉस्पिटल (NKH) में मेदांता हॉस्पिटल के वरिष्ठ जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. विपिन चंद्र त्यागी ने मरीजों को परामर्श एवं उपचार देकर लाभान्वित किया। वे 11 व 12 अप्रैल, तक अपनी सेवाएं NKH दी , जिससे क्षेत्र के मरीजों को विशेषज्ञ इलाज का अवसर मिल सका।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07

डॉ. त्यागी ने बताया कि ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी केवल दर्द से राहत ही नहीं देती, बल्कि मरीजों को बेहतर “क्वालिटी ऑफ लाइफ” भी प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि घुटनों और कूल्हों के गंभीर दर्द से पीड़ित, विशेषकर बुजुर्ग मरीज, अक्सर चलने-फिरने में असमर्थ हो जाते हैं और मानसिक तनाव का शिकार हो जाते हैं, लेकिन इस सर्जरी से उन्हें नया जीवन मिल सकता है।

उन्होंने जॉइंट रिप्लेसमेंट को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए कहा कि यह एक सुरक्षित और सफल प्रक्रिया है। देश में इस सर्जरी की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो इसकी सफलता का प्रमाण है। डॉ. त्यागी 10,000 से अधिक सफल सर्जरी कर चुके हैं और इस क्षेत्र में उनका व्यापक अनुभव है।

फिजियोथेरेपी है बेहद जरूरी

डॉ. त्यागी ने सर्जरी के बाद नियमित फिजियोथेरेपी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कम से कम 5 से 6 सप्ताह तक नियमित व्यायाम और फिजिकल थेरेपी करने से मरीज तेजी से सामान्य जीवन में लौट सकता है।

लाइफस्टाइल में सुधार जरूरी

उन्होंने बताया कि 50-60 वर्ष की आयु में जॉइंट संबंधी समस्याएं आम हो जाती हैं, जिनका मुख्य कारण खराब जीवनशैली है। उकड़ू बैठना और पालथी मारकर बैठने जैसी आदतों से बचने की सलाह देते हुए उन्होंने संतुलित जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया।

मोटापा बना सबसे बड़ा कारण

डॉ. त्यागी के अनुसार मोटापा जॉइंट की समस्याओं का प्रमुख कारण है। इससे जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और अर्थराइटिस तेजी से बढ़ता है। उन्होंने कहा कि वजन नियंत्रित रखना जॉइंट को स्वस्थ रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी मरीज में अर्थराइटिस विकसित हो चुका है, तब भी घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी एक प्रभावी और सुरक्षित विकल्प के रूप में उपलब्ध है।

Editor in chief | Website |  + posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button