कोरबा

पीवीटीजी समुदाय के सर्वेक्षण हेतु “मोबाइल सर्वे सेतु एप” के माध्यम से अभियान जारी।

30 अप्रैल 2026 तक सर्वे कार्य पूर्ण करने के निर्देश।

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कोरबा (ट्रैक सिटी)/ भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली के निर्देशानुसार जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) अंतर्गत पहाड़ी कोरवा एवं बिरहोर समुदाय के परिवारों का सर्वेक्षण “मोबाइल सर्वे सेतु एप” के माध्यम से किया जा रहा है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ना तथा उनकी मूलभूत आवश्यकताओं का आकलन करना है।

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सर्वे कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने हेतु विकासखंड कोरबा, करतला, पाली एवं पोंड़ी उपरोड़ा में कुल 76 अधिकारी एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। यह दल पीवीटीजी बसाहटों में जाकर प्रत्येक परिवार का ऑनलाइन सर्वेक्षण सुनिश्चित कर रहा है। शासन द्वारा उक्त सर्वेक्षण कार्य को 30 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि कोरबा जिले में पहाड़ी कोरवा एवं बिरहोर समुदाय के लगभग 1301 परिवार निवासरत हैं, जिनकी कुल जनसंख्या लगभग 4754 है। इन परिवारों के समग्र विकास एवं जीवन स्तर में सुधार के लिए भारत सरकार द्वारा “प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान” संचालित किया जा रहा है।

अभियान के अंतर्गत पीवीटीजी बसाहटों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत स्वच्छ पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सड़क, आवास, स्वास्थ्य सेवाएं (मोबाइल मेडिकल यूनिट), आंगनबाड़ी, मोबाइल टावर, बहुउद्देशीय केंद्र एवं छात्रावास जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

शासन की मंशा है कि प्रत्येक पीवीटीजी परिवार को शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे प्राप्त हो तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। इस सर्वेक्षण के दौरान चिन्हित कमियों एवं आवश्यकताओं के आधार पर शासन द्वारा विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक सुविधाओं की पूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सर्वेक्षण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करते हुए गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाए रखें, ताकि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराया जा सके।

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