कोरबा

मंत्री लखन लाल के मुख्य आतिथ्य में गोपालपुर में नए औद्योगिक क्षेत्र का हुआ भूमिपूजन।

27 एकड़ में विकसित होगा नया औद्योगिक क्षेत्र: कोरबा के विकास को मिलेगा नया आयाम।

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*गोपालपुर औद्योगिक क्षेत्र से कोरबा के विकास को मिलेगी नई दिशा, निवेश और रोजगार के बढ़ेंगे अवसर बढ़ेंगे: मंत्री लखन लाल*

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*नई औद्योगिक नीति से उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया हुई सरल, पारदर्शी और समयबद्ध* 

कोरबा (ट्रैक सिटी)/ छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में कोरबा जिले के दर्री तहसील अंतर्गत ग्राम गोपालपुर में नवीन औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना हेतु अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन समारोह का आयोजन हुआ। मंत्री देवांगन द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। यह औद्योगिक क्षेत्र लघु, मध्यम एवं बड़े उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करते हुए क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगा।

इस अवसर पर अध्यक्ष छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलेपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड (कैबिनेट मंत्री दर्जा) राजीव अग्रवाल, विधायक कटघोरा प्रेमचंद्र पटेल, महापौर संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह, कलेक्टर कुणाल दुदावत, प्रबंध निदेशक सीएसआईडीसी रायपुर विश्वेश कुमार, निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय , अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, चेम्बर ऑफ कॉमर्स एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

मंत्री देवांगन ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि गोपालपुर में नवीन औद्योगिक क्षेत्र के अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन केवल एक परियोजना की शुरुआत नहीं, बल्कि कोरबा के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।

कोरबा के लिए गर्व की बात है, वर्ष 1980 के बाद आज जिले में नवीन औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जा रहा है। लगभग 10.900 हेक्टेयर (27 एकड़) भूमि पर 10.59 करोड़ की लागत से विकसित होने वाला यह औद्योगिक क्षेत्र कोरबा जिले के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा।

इस परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में उद्योगों के विस्तार और अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र प्रावधानित है, जिसमें जिले के रामपुर विधानसभा के ग्राम चाम्पा में नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा।

मंत्री देवांगन ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति निवेशकों और आम नागरिकों—दोनों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से अब उद्योग स्थापित करने की प्रक्रियाएं सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो गई हैं, जिससे निवेशकों को अनावश्यक दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। भूमि आबंटन की प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी। विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए मात्र 1 रुपये में भूमि उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है, ताकि वे भी आत्मनिर्भर बन सकें और औद्योगिक विकास में सक्रिय भागीदारी निभा सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के विजन को साकार करने के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा। इसी संकल्प के साथ “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” और “विकसित कोरबा 2047” का लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा।

सीएसआईडीसी के अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति युवाओं और नवोदित उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है, जिससे नए उद्योग स्थापित हों और व्यापक रोजगार के अवसर सृजित हों।

गोपालपुर के इस नवीन औद्योगिक क्षेत्र में 44 इकाइयों को भूखंड आवंटित किए जाएंगे। इससे यहां औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी और स्थानीय युवाओं को यहीं पर रोजगार के अवसर मिलेंगे।

उन्होंने बताया कि नीति के अंतर्गत उद्योगों को आकर्षित करने के लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। साथ ही, पात्र इकाइयों को विभिन्न प्रोत्साहनों के माध्यम से कुल निवेश का लगभग 65% तक सहायता/अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कोरबा अब केवल कोयला और विद्युत उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे विविध उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। अंत में उन्होंने सभी उद्यमियों को शुभकामनाएँ दीं।

कटघोरा विधायक पटेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह अवसर कोरबा जिले के विकास के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं प्रदेश के कैबिनेट मंत्री देवांगन के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में औद्योगिक क्षेत्र का तेजी से विस्तार हो रहा है। राज्य सरकार की नीतियां उद्योगों के अनुकूल हैं, जिसके कारण निवेशकों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है और प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

उन्होंने कहा कि यह औद्योगिक पार्क न केवल जिले की पहचान को नई दिशा देगा, बल्कि स्थानीय युवाओं और श्रमिकों के लिए रोजगार के अनेक अवसर भी सृजित करेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं और प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं, जिससे निवेशक आकर्षित हो रहे हैं और नए-नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज संपदा के लिए ही नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास के लिए भी जाना जा रहा है।

*औद्योगिक पार्क का भूमिपूजन: कोरबा में विकास, रोजगार और निवेश को मिलेगा नया विस्तार*

कलेक्टर दुदावत ने कहा कि कोरबा जिले में प्रस्तावित औद्योगिक पार्क का भूमिपूजन क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे, जिससे जिले के युवाओं एवं नागरिकों के सामाजिक-आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा उद्योगों के प्रोत्साहन हेतु लागू की गई नीतियां अत्यंत प्रभावी एवं दूरदर्शी हैं, जिनके परिणामस्वरूप राज्य में औद्योगिक निवेश का अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया गया है, जिससे उद्यमियों को सुविधा और विश्वास दोनों प्राप्त हो रहे हैं। कलेक्टर ने बताया कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा उन्हें रोजगार के बजाय रोजगार सृजक के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट रायपुर द्वारा दो माह का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए किसी पूर्व अनुभव की अनिवार्यता नहीं है, बल्कि केवल उद्यमिता की भावना और आगे बढ़ने की इच्छाशक्ति आवश्यक है। इस पहल से जिले के युवाओं को व्यावसायिक कौशल, मार्गदर्शन एवं अवसर प्राप्त होंगे, जिससे वे अपने भविष्य को सशक्त एवं उज्ज्वल बना सकेंगे।

एमडी कुमार ने लगभग 11 हेक्टेयर क्षेत्र में नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास की घोषणा करते हुए सभी को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने बताया नवीन औद्योगिक एरिया विकास की प्रस्तावना से लेकर टेंडर कार्य प्रक्रिया में है। कार्यों को पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। नई औद्योगिक नीति के तहत एमएसएमई, नए उद्योगों और स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे विभिन्न प्रकार के उद्योगों को स्थापित करने में सहायता मिलेगी और रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। साथ ही, “वन क्लिक सिंगल विंडो” प्रणाली के माध्यम से सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को सरल, तेज और सुगम बनाया गया है, ताकि निवेशकों और उद्यमियों को एक ही मंच पर सभी सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, उद्यमी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र के समग्र विकास की कामना की।

 

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