कोरबा

समय पर जांच और शासन की योजना से मिली नई जिंदगी।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं चिरायु योजना के तहत निःशुल्क हृदय सर्जरी से स्वस्थ हुए सुनील कुमार पोया।

कोरबा (ट्रैक सिटी)/ शासन की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए नई उम्मीद बन रही हैं। समय पर बीमारी की पहचान, विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह और निःशुल्क उपचार की सुविधा ने जिले के विकासखंड पोंड़ी उपरोड़ा के ग्राम नवापारा (जटगा) निवासी सुनील कुमार पोया को नया जीवन दिया है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थय कार्यक्रम (आरबीएसके) एवं चिरायु योजना के अंतर्गत हुई सफल हृदय सर्जरी के बाद आज सुनील पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

सुनील कुमार पोया, पिता संतोष सिंह, बचपन से ही सांस फूलना, जल्दी थक जाना, कमजोरी और लगातार वजन कम होने जैसी गंभीर स्वास्थय समस्याओं से परेशान थे। इन कारणों से उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार ने कई स्थानों पर उपचार कराया, लेकिन कोई स्थायी लाभ नहीं मिला।

जब सुनील कक्षा 10वीं में अध्ययनरत थे, तब राष्ट्रीय बाल स्वास्थय कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीम विद्यालय में बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पहुंची। जांच के दौरान चिकित्सकों ने हृदय संबंधी बीमारी की आशंका व्यक्त करते हुए उन्हें चिरायु शिविर, कटघोरा में विस्तृत जांच कराने की सलाह दी। इको जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वे रूमेटिक हार्ट डिजीज (आरएचडी) से पीड़ित हैं तथा उन्हें सीवियर माइट्रल वाल्व एवं सीवियर एओर्टिक वाल्व की गंभीर समस्या है, जिसके लिए तत्काल ऑपरेशन आवश्यक था।

आर्थिक अभाव के कारण परिजन शुरुआत में ऑपरेशन कराने के लिए तैयार नहीं हुए। उन्होंने वैकल्पिक उपचार का भी सहारा लिया, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद आरबीएसके एवं चिरायु टीम ने लगातार संपर्क बनाए रखते हुए परिवार को समझाया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संपूर्ण उपचार और ऑपरेशन निःशुल्क कराया जाएगा। टीम के प्रयासों से परिवार का विश्वास बढ़ा और उन्होंने ऑपरेशन के लिए सहमति दी।

चिरायु टीम पोंड़ी उपरोड़ा के विशेष प्रयासों से सुनील को रायपुर स्थित एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने 20 मई 2026 को उनकी डबल वाल्व रिप्लेसमेंट (डीवीआर) सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की। ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और अब सुनील स्वस्थ जीवन जी रहे हैं।

सुनील के माता-पिता ने बताया कि उनके लिए इतने बड़े हृदय ऑपरेशन का खर्च उठाना संभव नहीं था। शासन की चिरायु योजना के माध्यम से जांच, उपचार और ऑपरेशन पूरी तरह निःशुल्क होने से उनके बेटे को नया जीवन मिला। उन्होंने जिला प्रशासन एवं स्वास्थय विभाग के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि शासन की मंशा है कि आर्थिक अभाव के कारण कोई भी बच्चा उपचार से वंचित न रहे। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं चिरायु योजना के माध्यम से बच्चों में जन्मजात एवं गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान कर उनका निःशुल्क उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराएं तथा किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर शासन की योजनाओं का लाभ अवश्य लें।

सुनील कुमार पोया की यह प्रेरक कहानी इस बात का प्रमाण है कि समय पर स्वास्थ्य जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और शासन की जनहितकारी योजनाओं का लाभ लेकर गंभीर से गंभीर बीमारी पर भी विजय प्राप्त की जा सकती है। यह कहानी अनेक परिवारों के लिए आशा, विश्वास और प्रेरणा का संदेश देती है।

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