उज्जैन/कोरबा (ट्रैक सिटी)। मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की तीसरी मंजिल पर भगवान नागचंद्रेश्वर जी का प्राचीन मंदिर विराजमान है। इसकी सबसे खास परंपरा यह है कि मंदिर के कपाट वर्ष में केवल एक बार नाग पंचमी के अवसर पर 24 घंटे के लिए खोले जाते हैं।
मान्यता है कि यहां भगवान शिव नागचंद्रेश्वर स्वरूप में माता पार्वती के साथ सर्प शय्या पर विराजमान हैं। मंदिर में स्थापित प्रतिमा को लेकर धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से विशेष महत्व बताया जाता है। मान्यता के अनुसार भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन करने से नाग दोष से मुक्ति और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
नाग पंचमी के दिन देशभर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं और वर्ष में एकमात्र अवसर पर नागचंद्रेश्वर भगवान के दर्शन करते हैं। कपाट बंद होने के बाद मंदिर को पुनः वर्षभर के लिए बंद कर दिया जाता है। यही अनूठी परंपरा नागचंद्रेश्वर मंदिर को महाकाल मंदिर परिसर के सबसे विशिष्ट धार्मिक स्थलों में शामिल करती है।
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