कोरबा

कांग्रेस के आंदोलन पर सवाल, जिन मुद्दों पर प्रदर्शन की तैयारी वे काम पहले से प्रक्रिया में

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (1)

कोरबा (ट्रैक सिटी)। शहर की सड़कों, नालियों, बिजली और पानी जैसी मूलभूत समस्याओं को लेकर कांग्रेस के अलग-अलग धड़ों द्वारा आंदोलन की घोषणा के बीच अब राजनीतिक बहस तेज होती दिखाई दे रही है। कांग्रेस जिन मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरने की बात कह रही है, उनमें से कई मुद्दों पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नगर पालिक निगम प्रशासन की ओर से पहले ही काम स्वीकृत होने तथा आगामी समय में कार्य प्रारंभ किए जाने का दावा किया जा रहा है।
सड़क निर्माण को लेकर कोरबा विधायक एवं मंत्री लखन लाल देवांगन तथा नगर पालिक निगम कोरबा की महापौर संजू देवी राजपूत की ओर से लगातार यह बात कही जा रही है कि शहर की विभिन्न सड़कों के कार्य स्वीकृत हो चुके हैं और बरसात समाप्त होने के बाद कई कार्यों को जमीन पर प्रारंभ किया जाएगा। ऐसे में कांग्रेस द्वारा सड़कों की बदहाली को लेकर आंदोलन की घोषणा किए जाने पर अब राजनीतिक सवाल उठने लगे हैं।
इसी तरह शहर की बदहाल नालियों और सफाई व्यवस्था को लेकर नगर पालिक निगम की ओर से भी लगातार कार्य किए जाने की बात कही जा रही है। निगम प्रशासन का दावा है कि नालियों की सफाई, जल निकासी और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इसके बावजूद कांग्रेस द्वारा इन्हीं समस्याओं को आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनाए जाने से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति बनती दिखाई दे रही है।
मुद्दे जनता के, लेकिन सवाल आंदोलन के समय पर
शहर में सड़कों, नालियों, बिजली और पानी से जुड़ी समस्याएं निश्चित रूप से जनता के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन समस्याओं को विपक्ष द्वारा उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि जिन सड़क कार्यों के स्वीकृत होने और बरसात के बाद निर्माण शुरू किए जाने की बात सत्तापक्ष के जनप्रतिनिधियों द्वारा कही जा रही है, उन्हीं कार्यों को लेकर कांग्रेस तत्काल आंदोलन की घोषणा कर जनता के बीच क्या संदेश देना चाहती है?
यदि कार्य स्वीकृत हैं और बरसात के बाद निर्माण शुरू होना प्रस्तावित है, तो क्या कांग्रेस इन कार्यों की प्रगति की निगरानी कर सरकार और निगम प्रशासन पर दबाव बनाएगी, या फिर आंदोलन को राजनीतिक मुद्दे के रूप में आगे बढ़ाएगी—यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
एक ही मुद्दे पर कांग्रेस के दो धड़े
सबसे अधिक चर्चा कांग्रेस के भीतर ही दिखाई दे रही है। जिला कांग्रेस कमेटी और पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल की ओर से साकेत भवन में आवेदन देकर समय लेते हुए शहर की सड़कों, नालियों, बिजली और पानी के लिए जमीन की लड़ाई लड़ने की घोषणा की गई है। वहीं कांग्रेस के पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्याम नारायण सोनी ने भी इन्हीं समस्याओं को लेकर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
जबकि दूसरी ओर सत्तापक्ष की ओर से सड़क निर्माण कार्यों की स्वीकृति और बरसात के बाद काम शुरू किए जाने का दावा किया जा रहा है तथा निगम प्रशासन नालियों और सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार काम किए जाने की बात कह रहा है।
ऐसे में शहर की राजनीतिक चर्चा अब केवल “समस्याएं क्या हैं?” तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि सवाल यह भी बन गया है कि “एक ही पार्टी के भीतर एक ही मुद्दे पर अलग-अलग आंदोलन की जरूरत क्यों पड़ी?”
जनता की नजर अब इस बात पर है कि राजनीतिक घोषणाओं के बीच वास्तविक काम कितनी तेजी से जमीन पर उतरता है। यदि स्वीकृत सड़क कार्य बरसात के बाद निर्धारित समय में शुरू होते हैं और नालियों व सफाई व्यवस्था में भी सुधार दिखाई देता है, तो निश्चित रूप से जनता को इसका सीधा लाभ मिलेगा। वहीं यदि दावे और जमीनी स्थिति में अंतर सामने आता है, तो विपक्ष को सरकार और निगम प्रशासन पर सवाल उठाने के लिए मजबूत आधार भी मिल सकता है।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07

Editor in chief | Website |  + posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button