कोरबा

नकटीखार में 8 मांगों को लेकर चक्काजाम, लिखित आश्वासन पर थमा आंदोलन

जमीन-राजस्व से सड़क और स्कूल तक के मुद्दे उठे, कुछ मांगों पर 10 तो कुछ पर 15 दिन में कार्रवाई का भरोसा
कोरबा (ट्रैक सिटी)। नकटीखार में लंबे समय से लंबित विभिन्न समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने चक्काजाम कर विरोध जताया। ग्रामीणों ने सड़क, पुलिया, स्कूल भवन तथा जमीन-राजस्व से जुड़े मुद्दों सहित 8 मांगें प्रशासन के सामने रखीं। अधिकारियों से चर्चा के बाद लिखित आश्वासन मिलने पर ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।


मांग और प्रशासन का आश्वासन
ग्रामीणों की प्रमुख मांग
लिखित आश्वासन
1. तालाबपारा मार्ग पर पुलिया निर्माण
मांग क्रमांक 01 एवं 02 के संबंध में 15 दिवस के भीतर निर्माण से संबंधित कार्रवाई करने का आश्वासन।
2. प्राथमिक शाला के स्वीकृत भवनों का निर्माण
15 दिवस के भीतर निर्माण संबंधी कार्रवाई का लिखित भरोसा दिया गया।
3. बंदोबस्त के दौरान नक्शे में हुई त्रुटियों का सुधार
आगामी 10 दिवस में संबंधित भूमि/राजस्व मामलों पर कार्रवाई तथा इसके बाद आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आश्वासन।

4. रिकॉर्ड में शासकीय दर्ज भूमि से जुड़े मामलों का निराकरण
आगामी 10 दिवस में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
5. वर्षों से लंबित राजस्व प्रकरणों का निराकरण
संबंधित मामलों में विभागीय स्तर पर कार्रवाई कराने का आश्वासन।
6. भालूसटका-देवरास मार्ग का कांक्रीटीकरण
संबंधित मांग पर विभाग से कार्रवाई कराने का लिखित भरोसा।
7. अटल चौक-अंधारदहरा मार्ग का निर्माण
संबंधित विभाग के माध्यम से कार्रवाई कराने का आश्वासन।
8. ऊपरमुहल्ला-मुलसीडीह मार्ग का डामरीकरण व खेल मैदान का पट्टा
उपलब्ध लिखित आश्वासन में इस मांग का स्पष्ट उल्लेख दिखाई नहीं देता, इसलिए इसे प्रशासन द्वारा आश्वस्त मांग के रूप में दावा करना उचित नहीं होगा।
जमीन-राजस्व के मामलों पर विशेष जोर
ग्रामीणों की प्रमुख शिकायत भूमि एवं राजस्व रिकॉर्ड से जुड़ी है। उनका कहना है कि बंदोबस्त के दौरान नक्शे और रिकॉर्ड में हुई त्रुटियों के कारण किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इसी को लेकर गांव में राजस्व स्तर पर कार्रवाई और मामलों के निराकरण की मांग की गई है।
अब समय-सीमा में कार्रवाई की परीक्षा
लिखित आश्वासन में कुछ मामलों के लिए 10 दिन और कुछ के लिए 15 दिन की समय-सीमा का उल्लेख है। चक्काजाम फिलहाल समाप्त हो गया है, लेकिन अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर रहेगी कि दिए गए आश्वासन के अनुरूप संबंधित विभाग धरातल पर कितनी कार्रवाई करता है।
अब किसकी जिम्मेदारी?
10 दिन और 15 दिन की समय-सीमा लिखित में दर्ज है। अब संबंधित राजस्व, निर्माण और विभागीय अधिकारियों के सामने इन मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई करने की जिम्मेदारी है।

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