मोबाइल ऐप के जरिए फसल प्रविष्टि एवं भौतिक सत्यापन के आदेश का विरोध सौंपा ज्ञापन
कोरबा (ट्रैक सिटी)। फसल भौतिक सत्यापन मोबाइल ऐप के जरिए फसल प्रविष्टि एवं गिरदावरी का कार्य ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों से कराए जाने के आदेश को लेकर विरोध शुरू हो गया है। इस संबंध में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने उपसंचालक कृषि, कोरबा एवं जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
बताया जा रहा है कि फसल भौतिक सत्यापन, फसल प्रविष्टि एवं गिरदावरी के कार्य को लेकर इससे पहले जिला राजस्व अधिकारी पटवारी संघ द्वारा भी विरोध दर्ज कराया गया था। अब इसी तरह के कार्यों की जिम्मेदारी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को दिए जाने से कृषि विभाग के मैदानी अमले में नाराजगी सामने आई है।
मोबाइल ऐप के जरिए दर्ज करनी है फसल की जानकारी
जारी व्यवस्था के तहत मोबाइल ऐप के माध्यम से खेतों में जाकर फसल का भौतिक सत्यापन किया जाना है। इसके बाद संबंधित खेत में बोई गई फसल की जानकारी मोबाइल ऐप में दर्ज करने के साथ गिरदावरी संबंधी प्रविष्टि की जानी है। इसके लिए मैदानी स्तर पर कर्मचारियों को किसानों के खेतों तक पहुंचकर वास्तविक स्थिति का सत्यापन करना होगा।
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों का कहना है कि यह कार्य केवल मोबाइल ऐप पर जानकारी दर्ज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए खेतों तक पहुंचना, फसल की वास्तविक स्थिति का अवलोकन करना और संबंधित जानकारी को ऐप में दर्ज करना होगा। ऐसे में इस कार्य के लिए पर्याप्त समय और मानव संसाधन की आवश्यकता होगी।
उप संचालक कृषि
नियमित विभागीय कार्य प्रभावित होने की जताई आशंका
ज्ञापन के माध्यम से अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी पहले से ही कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में मैदानी स्तर पर कार्य कर रहे हैं। किसानों को योजनाओं की जानकारी देना, कृषि संबंधी तकनीकी मार्गदर्शन, विभागीय योजनाओं की मॉनिटरिंग तथा अन्य सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन भी उनके कार्यों में शामिल है।
ऐसे में फसल भौतिक सत्यापन और गिरदावरी का अतिरिक्त कार्य सौंपे जाने से नियमित विभागीय गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त कार्य के लिए स्पष्ट व्यवस्था और जिम्मेदारी तय किया जाना आवश्यक है।
पटवारी संघ के विरोध के बाद जिम्मेदारी बदलने पर सवाल
इस पूरे मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह उठ रहा है कि जिन कार्यों को लेकर पटवारी संघ द्वारा पहले विरोध किया गया था, वही कार्य अब ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को किस आधार पर सौंपे गए हैं?
यदि प्रशासन द्वारा कार्य की जिम्मेदारी में बदलाव किया गया है तो इसके पीछे क्या कारण रहे और संबंधित विभाग के मैदानी कर्मचारियों से इस संबंध में क्या चर्चा की गई, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने इसी मुद्दे को लेकर अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी है।
ज्ञापन में पुनर्विचार की मांग
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने उपसंचालक कृषि, कोरबा एवं जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मोबाइल ऐप के जरिए फसल प्रविष्टि, भौतिक सत्यापन एवं गिरदावरी कार्य की जिम्मेदारी को लेकर पुनर्विचार करने की मांग की है। साथ ही अधिकारियों के नियमित विभागीय दायित्वों और अतिरिक्त कार्यभार के बीच समुचित समन्वय बनाए जाने की मांग रखी गई है।
अब देखना होगा कि ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर जिला प्रशासन और कृषि विभाग क्या निर्णय लेते हैं और फसल भौतिक सत्यापन एवं गिरदावरी के कार्य को लेकर आगे क्या व्यवस्था बनाई जाती है।
