पांच से सात दिनों तक कचरा नहीं उठने का आरोप, पूजा पंडालों के सामने गंदगी से श्रद्धालु परेशान; मुकेश राठौर, कृपा राम साहू और नारायण कुर्रे ने नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
कोरबा(ट्रैक सिटी)। दुर्गा पूजा जैसे आस्था के पर्व से पहले कोरबा नगर पालिक निगम की सफाई व्यवस्था को लेकर विवाद गहरा गया है। शहर के विभिन्न वार्डों में कचरा जमा होने, नालियों से निकाली गई गंदगी का कई दिनों तक उठाव नहीं होने और पूजा पंडालों के आसपास सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस पार्षद दल ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने सफाई के नाम पर वसूले जा रहे यूजर चार्ज को बंद करने तथा नगर निगम की सफाई व्यवस्था में तत्काल सुधार करने की मांग की है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि एक ओर नगर निगम स्वच्छता को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर के कई इलाकों में जमीनी स्थिति इन दावों से अलग नजर आ रही है। दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा पंडालों में पहुंचते हैं। ऐसे समय में पंडालों के आसपास कचरा जमा होना और नालियों की गंदगी का समय पर न उठना सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
सफाई के नाम पर यूजर चार्ज, फिर भी गंदगी क्यों?
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश राठौर ने नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सफाई के नाम पर यूजर चार्ज की वसूली की जा रही है, लेकिन शहर में नियमित सफाई और कचरा उठाव सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर कचरा पांच से छह दिनों तक पड़ा रहता है। नालियों से निकाली गई गंदगी को भी तत्काल हटाने के बजाय वहीं छोड़ दिया जाता है।
राठौर के मुताबिक, पूजा पंडालों के आसपास भी सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने सफाई कार्य में लगे ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिम्मेदारी लेने वालों की निगरानी और जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनका आरोप है कि अधिकारियों को बार-बार शिकायतों से अवगत कराने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि जब नागरिकों से सफाई के लिए यूजर चार्ज लिया जा रहा है, तो उन्हें नियमित और बेहतर सफाई की सुविधा भी मिलनी चाहिए। यदि सफाई व्यवस्था ही दुरुस्त नहीं है, तो यूजर चार्ज की वसूली का औचित्य क्या है? कांग्रेस ने इसी मुद्दे को लेकर यूजर चार्ज बंद करने और सफाई व्यवस्था को व्यवस्थित करने की मांग उठाई है।
स्वच्छता रैंकिंग के दावों पर नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल
नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष कृपा राम साहू ने भी शहर की सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उनके अनुसार, उनके वार्ड में तीन पूजा पंडालों के सामने कचरा जमा हुआ है, जबकि कई स्थानों पर नालियों से निकाला गया कचरा पांच से सात दिनों तक नहीं उठाया जा रहा है।
कृपा राम साहू ने कहा कि सफाई के नाम पर यूजर चार्ज लिया जा रहा है, लेकिन नागरिकों को अपेक्षित सफाई सुविधा नहीं मिल रही है। उन्होंने नगर निगम के स्वच्छता संबंधी दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि स्वच्छता रैंकिंग का आकलन शहर की मौजूदा जमीनी स्थिति के आधार पर किया जाए, तो रैंकिंग शून्य तक पहुंच सकती है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि त्योहार के समय सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। पूजा पंडालों के सामने कचरा जमा रहना और नालियों की गंदगी का समय पर उठाव नहीं होना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मांग की कि सफाई व्यवस्था में सुधार के साथ यूजर चार्ज की वसूली बंद की जाए।
पार्षद नारायण कुर्रे ने सफाई ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
मुड़ापार के पार्षद नारायण कुर्रे ने भी सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम प्रशासन और संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सफाई ठेकेदार रसीद खान का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि ठेका लेने के बाद भी ठेकेदार क्षेत्र में नियमित रूप से दिखाई नहीं देते और सफाई कार्य की निगरानी पर्याप्त नहीं है।
नारायण कुर्रे के अनुसार, स्थानीय बस्तीवासियों ने उनसे शिकायत की कि पांच से छह दिनों से कचरा उठाव नहीं होने के कारण गंदगी जमा है। उन्होंने कहा कि वे अपने स्तर पर क्षेत्र की समस्याओं पर ध्यान देते हैं और सफाई व्यवस्था में लापरवाही की जानकारी नगर निगम के अधिकारियों को लगातार देते रहे हैं। बोर्ड के माध्यम से भी कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन उनके आरोप के मुताबिक, शिकायतों के बाद कुछ औपचारिक कार्रवाई तो होती है, परंतु समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है।
पार्षद ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिकायतों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से ऐसा प्रतीत होता है, जैसे ठेकेदार और अधिकारी एक-दूसरे की जिम्मेदारी निभाने के बजाय जवाबदेही से बच रहे हों। उन्होंने कहा कि सफाई कार्य की नियमित निगरानी होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों को क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना चाहिए।
करोड़ों के सफाई बजट और जवाबदेही पर उठ रहे सवाल
कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम के सफाई कार्यों पर होने वाले खर्च, यूजर चार्ज की वसूली और सफाई ठेकेदारों की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि यदि सफाई कार्य के लिए बजट और संसाधन उपलब्ध हैं, तो उसका लाभ शहरवासियों को साफ-सुथरे वार्डों, नियमित कचरा उठाव और स्वच्छ नालियों के रूप में दिखाई देना चाहिए।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं होने से नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है। हालांकि, सफाई कार्यों में कथित अनियमितताओं और लापरवाही के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार का पक्ष सामने आना बाकी है।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस पार्षद दल ने नगर निगम प्रशासन से यूजर चार्ज की वसूली बंद करने, पूजा पंडालों और सार्वजनिक स्थलों के आसपास तत्काल सफाई कराने, नालियों से निकाले गए कचरे का समय पर उठाव सुनिश्चित करने तथा सफाई कार्य में लगे ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
दुर्गा पूजा के मद्देनजर शहर में स्वच्छता बनाए रखना नगर निगम की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे में सवाल यह है कि शिकायतों के बाद सफाई व्यवस्था में कितना सुधार होता है और पूजा पंडालों के आसपास जमा कचरे का समय पर उठाव सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाता है। फिलहाल, यूजर चार्ज और सफाई व्यवस्था को लेकर कांग्रेस पार्षद दल के विरोध ने नगर निगम की कार्यप्रणाली को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

