कोरबा (ट्रैक सिटी)/ साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) हरीश दुहान ने सोमवार को कुसमुंडा क्षेत्र का दौरा कर खनन कार्यों, उत्पादन की तैयारियों और मानसून के दौरान संचालन व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने उत्पादन लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
निरीक्षण के दौरान कोरबा कलेक्टर कुनाल दुदावत और अपर जिला दंडाधिकारी (ADM) देवेंद्र पटेल भी मौजूद रहे। अधिकारियों के साथ भूमि अधिग्रहण तथा पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में कुसमुंडा, गेवरा और दीपका मेगा परियोजनाओं के महाप्रबंधकों ने भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। CMD ने विभिन्न परियोजनाओं में चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और लंबित मामलों के शीघ्र समाधान पर जोर दिया।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने खमरिया पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) स्थल तथा 14 नंबर डंप का निरीक्षण किया। यह स्थल खोड़री, पाली और जटराज गांवों से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए विकसित किया जा रहा है। CMD ने अधिकारियों को पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने और प्रभावित परिवारों को सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के अगले चरण में हरीश दुहान ने नीलकंठ ए एवं बी माइनिंग पैच का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को मानसून के बावजूद कोयले की एक्सपोजर प्रक्रिया में तेजी लाने तथा उत्पादन की गति बनाए रखने के निर्देश दिए। विभागीय माइनिंग पैच की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि उत्पादन लक्ष्य हर हाल में पूरे किए जाएं, लेकिन सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
CMD ने सभी अधिकारियों को खनन कार्यों के दौरान निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षित वातावरण में ही उत्पादन कार्य संचालित किए जाएं।
दौरे के अंतिम चरण में CMD ने KNR–SIML (जॉइंट वेंचर) के तहत नए अनुबंध के लिए HEMM (हैवी अर्थ मूविंग मशीनरी) की मोबिलाइजेशन तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मशीनों की समय पर तैनाती सुनिश्चित करते हुए नवस्वीकृत कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।
SECL प्रबंधन के अनुसार, इस समीक्षा का उद्देश्य मानसून के दौरान भी उत्पादन गतिविधियों को निर्बाध बनाए रखना, भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाना तथा नई परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में शुरू करना है।
