कोरबा

प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग तथा दुकानों में डस्टबिन न रखने पर निगम की कार्यवाही जारी, कचरा फेंकने पर भी लगाया जा रहा अर्थदण्ड

आयुक्त प्रभाकर पाण्डेय ने की अपील, अनिवार्य रूप से दुकानों में रखें डस्टबिन, न करें प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री कैरीबैग आदि का उपयोग

कोरबा/ प्रतिबंधित प्लास्टिक से निर्मित कैरीबैग्स, डिस्पोजल व अन्य सामग्री का उपयोग करने, दुकानों में प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री रखने तथा दुकानों में डस्टबिन न रखने वालों पर नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा निरंतर कार्यवाही की जा रही है, अर्थदण्ड लगाया जा रहा है, समझाईश दी जा रही है। आयुक्त प्रभाकर पाण्डेय ने अपील करते हुए कहा है कि प्रतिबंधित प्लास्टिक से बने कैरीबैग, डिस्पोजल व अन्य सामग्री का उपयोग न करें तथा दुकानों प्रतिष्ठानों में अनिवार्य रूप से डस्टबिन रखें, सार्वजनिक स्थानों में कचरा न डालें।

यहॉं उल्लेखनीय है कि शासन ने निर्धारित मानक के अनुरूप न होने वाली प्लास्टिक एवं उससे बनी सामग्री के निर्माण, भण्डारण व उपयोग पर प्रतिबंध लगाया हुआ है, प्लास्टिक का उपयोग पर्यावरण, साफ-सफाई व्यवस्था, मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने के साथ-साथ मवेशियों, प्राणियों के लिए भी घातक है। आयुक्त प्रभाकर पाण्डेय के निर्देश पर निगम द्वारा प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग को रोकने तथा प्लास्टिक फ्री कोरबा बनाने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं, इसके प्रति लोगों में जागरूकता लाने, उन्हें समझाईश देने के साथ-साथ प्लास्टिक की जप्ती व अर्थदण्ड की कार्यवाही लगातार की जा रही है। इस दिशा में निगम द्वारा अभी हाल ही में 12 दुकानों पर कार्यवाही करते हुए प्लास्टिक की जप्ती की तथा 4500 रूपये का अर्थदण्ड लगाया, निगम अमले ने उन्हें हिदायत भी दी कि वे प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री कैरीबैग्स डिस्पोजल का विक्रय व उपयोग अपनी दुकानों प्रतिष्ठानों में न करें।

डस्टबिन न रखने पर साढे 10 हजार रूपये का लगा अर्थदण्ड- आयुक्त प्रभाकर पाण्डेय के निर्देश पर निगम अमले द्वारा दुकानों, प्रतिष्ठानों का निरंतर निरीक्षण कर यह सुनिश्चित कराया जा रहा है कि सभी दुकानों में अनिवार्य रूप से डस्टबिन रखें जाएं। निगम के अपर आयुक्त खजांची कुम्हार व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.संजय तिवारी द्वारा लगातार निरीक्षण कर जिन दुकानों, प्रतिष्ठानों में डस्टबिन नहीं रखें पाए जा रहे हैं, उन पर अर्थदण्ड की कार्यवाही की जा रही है, इस पर कार्यवाही करते हुए निगम द्वारा अब तक 49 दुकानों, प्रतिष्ठानों में साढे़ 10 हजार रूपये का अर्थदण्ड लगाया गया है।

खुले में कचरा फेंकने वालों पर साढे़ 27 हजार रूपये अर्थदण्ड- सड़क, नाली, चौक-चौराहें, खाली प्लाटों व सार्वजनिक स्थानों में कचरा डालने वालों पर भी निगम अमले द्वारा कड़ी नजर रखी जा रही है, जिन व्यक्तियों द्वारा सार्वजनिक स्थानों में कचरा डाला जा रहा है, उन पर अर्थदण्ड की कार्यवाही की जा रही हैं। स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.संजय तिवारी ने बताया कि अभी हाल ही में इस दिशा में कार्यवाही करते हुए 67 व्यक्तियों पर साढे़ 27 हजार रूपये का अर्थदण्ड लगाया गया है, साथ ही उन्हें कड़ी हिदायत दी गई है कि वे सड़क, नाली व सार्वजनिक स्थानों में कचरा न डालें, अपने घरों, दुकानों, प्रतिष्ठानों में डस्टबिन रखें, उसमें कचरे को संग्रहित करें तथा डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने हेतु आने वाली निगम के स्वच्छता दीदियों के रिक्शे व निगम के सफाई वाहन में ही कचरे को दें।

कोरबा को प्लास्टिक मुक्त, साफ, स्वच्छ व सुंदर शहर बनाने में सहयोग दें- आयुक्त प्रभाकर पाण्डेय ने आमनागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि प्रतिबंधित प्लास्टिक से निर्मित कैरीबैग, डिस्पोजल व अन्य सामग्रियांे का उपयोग बिल्कुल न करें, इसके स्थान पर कपडे़ व जुट के थैले, कागज के लिफाफे एवं अन्य वैकल्पिक साधनों को अपनाएं। उन्होने कहा है कि सड़क, नाली, फुटपाथ, रिक्त स्थान व अन्य सार्वजनिक स्थानों में कचरा न डालें, अपने घरों, दुकानों, प्रतिष्ठानों में डस्टबिन अनिवार्य रूप से रखें तथा उसी में कचरे को संग्रहित करें, निगम के सफाई रिक्शा व वाहन में ही कचरे को दें, कोरबा शहर आपका अपना शहर है, इसे प्रतिबंधित प्लास्टिक से मुक्त, साफ, स्वच्छ व सुंदर शहर बनाने में सहयोग दें।

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