कोरबा

एकलशिक्षकीय विद्यालय छपराही पारा में नई शिक्षिका की ज्वाईनिंग से पढ़ाई हुई बेहतर।

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कोरबा (ट्रैक सिटी)/ कोरबा जिले के विकासखंड पाली अंतर्गत ग्राम छपराही पारा का प्राथमिक शाला वर्षों से एकलशिक्षकीय व्यवस्था में संचालित हो रहा था। यहां कुल 41 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें ज्यादातर वनांचल क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं। सीमित संसाधनों और केवल एक शिक्षक के भरोसे चलने के कारण बच्चों की नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित हो रही थी।

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विद्यालय के हेडमास्टर गुरदीप सिंह नेताम लंबे समय से अकेले ही सभी कक्षाओं को पढ़ा रहे थे। परिस्थिति चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन बच्चों की सीखने की इच्छा और शिक्षक की जिम्मेदारी ने विद्यालय को आगे बढ़ने से रोका नहीं।

इसी बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने हेतु अतिशेष शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण लागू किया गया। इस योजना का लाभ कोरबा जिले के सैकड़ों विद्यालयों और हजारों विद्यार्थियों तक पहुँचा। इसी कड़ी में छपराही पारा के प्राथमिक शाला को भी नई ऊर्जा मिली।

विद्यालय में शिक्षिका गायत्री कुर्रे की नियुक्ति युक्तियुक्तकरण के तहत की गई। उनके पदस्थ होने से हेडमास्टर गुरदीप सिंह नेताम को बड़ी राहत मिली और विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट दिखाई देने लगा। अब विद्यालय में सभी कक्षाओं की अलग-अलग पढ़ाई नियमित रूप से हो रही है।

कक्षा पाँचवी की सुहानी, अजिया, चौथी की निशा और आराध्या, छात्र रोशन, मनीष तथा कक्षा तीन की सौम्या ने उत्साहपूर्वक बताया कि नई मैडम के आने से पढ़ाई अब और अच्छी हो गई है। पहले एक ही शिक्षक होने से कई बार पढ़ाई में कठिनाई होती थी, लेकिन अब सब कुछ आसान हो गया है।

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