एमसीबी

कलेक्टर ने सेवा सहकारी समिति मर्यादित कछौड़ का किया औचक निरीक्षण

गोदाम की जर्जर एवं अव्यवस्थित स्थिति पर जताई नाराजगी, समिति प्रबंधक को लगाई फटकार, तत्काल साफ-सफाई के दिए निर्देश

किसानों के पंजीयन, एमओपी, एमपीके, नैनो डीएपी, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं खाद वितरण व्यवस्था की बारीकी से की समीक्षा

एमसीबी (ट्रैक सिटी)/ कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने तथा सहकारी समितियों की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के उद्देश्य से सेवा सहकारी समिति मर्यादित कछौड़ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, डिप्टी कलेक्टर नेहा खलखो, डिप्टी कलेक्टर स्वप्निल वर्मा सहित कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने समिति में किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, खाद-बीज के भंडारण एवं वितरण व्यवस्था, विभिन्न कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन तथा अभिलेखों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कलेक्टर ने समिति प्रबंधक से किसानों के पंजीयन की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सभी पात्र किसानों का पंजीयन निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक समय पर पहुंच सके। उन्होंने समिति में उपलब्ध एमओपी (म्यूरेट ऑफ पोटाश), एमपीके उर्वरक, नैनो डीएपी सहित अन्य उर्वरकों के स्टॉक, वितरण व्यवस्था एवं मांग के अनुरूप उपलब्धता की विस्तार से जानकारी ली। साथ ही कंप्यूटर प्रणाली में दर्ज किसानों के पंजीयन, खाद वितरण एवं अन्य ऑनलाइन अभिलेखों का अवलोकन कर सभी जानकारियों को नियमित रूप से अद्यतन रखने तथा ऑनलाइन प्रविष्टियों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के पंजीयन एवं आवेदन की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे तथा अंतिम तिथि से पूर्व सभी पात्र किसानों का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने किसानों को योजना की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने तथा अधिक से अधिक किसानों को फसल बीमा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया।

कलेक्टर ने समिति के स्टॉक रजिस्टर, वितरण पंजी, अभिलेखों एवं अन्य दस्तावेजों का भी गहन निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अभिलेख अद्यतन, सुव्यवस्थित एवं त्रुटिरहित रखे जाएं तथा खाद वितरण में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए। किसानों को निर्धारित दर पर ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए तथा किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर उसका त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान समिति परिसर स्थित गोदाम की स्थिति जर्जर एवं अव्यवस्थित पाई गई। गोदाम में साफ-सफाई के अभाव तथा रखरखाव की खराब स्थिति पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए समिति प्रबंधक को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गोदाम की तत्काल साफ-सफाई कर उसे सुव्यवस्थित किया जाए, ताकि खाद एवं बीज का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि कृषि आदानों के भंडारण स्थल पर स्वच्छता एवं सुव्यवस्था बनाए रखना समिति की प्राथमिक जिम्मेदारी है तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समिति में आने वाले प्रत्येक किसान को शासन की कृषि योजनाओं की समुचित जानकारी उपलब्ध कराई जाए तथा खाद, बीज, फसल बीमा एवं अन्य सुविधाओं से संबंधित समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन में किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी अधिकारी किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।

निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारी एवं समिति के कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक समय पर पहुंचे, इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग, पारदर्शी कार्यप्रणाली और प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जाए। इससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा कृषि कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सके।

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