उड़ान योजना में शामिल हुआ कोरबा, प्रारंभिक तौर पर 10 करोड़ रुपये का प्रावधान; जामबहार की ओर बढ़ेगा रनवे, जल्द होगा तकनीकी सर्वे
कोरबा (ट्रैक सिटी)। औद्योगिक नगरी कोरबा में लंबे समय से चली आ रही हवाई सेवा की मांग अब धरातल पर उतरती दिखाई दे रही है। केंद्र सरकार की उड़ान योजना में कोरबा को शामिल किए जाने के बाद रूमगरा एयरस्ट्रिप को विकसित कर कमर्शियल एयरपोर्ट के रूप में तैयार करने की दिशा में प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। सिविल एविएशन की ओर से चालू वित्तीय वर्ष के बजट में इसके लिए 10 करोड़ रुपये की प्रारंभिक राशि का प्रावधान किया गया है। अब जल्द ही तकनीकी टीम कोरबा पहुंचकर रूमगरा एयरस्ट्रिप का सर्वे और तकनीकी मूल्यांकन करेगी।
प्रस्तावित योजना के अनुसार रूमगरा एयरस्ट्रिप का जामबहार की ओर विस्तार किया जाना है। इसके लिए रनवे की लंबाई और चौड़ाई बढ़ाने के साथ एयरपोर्ट संचालन के लिए आवश्यक टर्मिनल भवन, सुरक्षा व्यवस्था, यात्री सुविधाएं और अन्य बुनियादी अधोसंरचना विकसित की जाएगी। तकनीकी टीम के सर्वे के बाद एयरस्ट्रिप की वर्तमान स्थिति, विस्तार की व्यवहारिकता, उपलब्ध जमीन और अन्य तकनीकी पहलुओं का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके आधार पर एयरपोर्ट विकास की अगली प्रक्रिया तय होगी।
14 साल से हवाई सेवा का इंतजार
कोरबा में हवाई सेवा शुरू करने की कवायद कोई नई नहीं है। करीब 14 वर्ष पहले दिसंबर 2012 में भी कोरबा को हवाई सेवा से जोड़ने की पहल की गई थी। उस समय राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ एविएशन अकादमी के माध्यम से प्रदेश के पांच शहरों में एयर टैक्सी सेवा शुरू करने की तैयारी की थी, जिसमें कोरबा को भी शामिल किया गया था।
रूमगरा एयरस्ट्रिप से छह सीटर एयर टैक्सी का ट्रायल भी किया गया था। रायपुर के लिए एयर टैक्सी सेवा शुरू करने और किराया तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी, लेकिन रनवे विस्तार सहित विभिन्न तकनीकी कारणों के चलते यह योजना मूर्त रूप नहीं ले सकी। इसके बाद समय के साथ यह मांग ठंडे बस्ते में चली गई। अब उड़ान योजना में कोरबा के शामिल होने से शहरवासियों को एक बार फिर हवाई सेवा शुरू होने की उम्मीद जगी है।
बिजली संयंत्र के निर्माण के दौरान बनी थी एयरस्ट्रिप
रूमगरा एयरस्ट्रिप का इतिहास भी कोरबा के औद्योगिक विकास से जुड़ा हुआ है। वर्ष 1980 के दशक में कोरबा पूर्व बिजली संयंत्र के निर्माण के दौरान अधिकारियों और विदेशी इंजीनियरों की आवाजाही के लिए एयरस्ट्रिप का निर्माण कराया गया था। उस दौर में यहां चार्टर विमान उतरते थे। बाद में बिजली कंपनी के लिए इसका उपयोग सीमित हो गया।
करीब दो दशक पहले बालको के विस्तार प्रोजेक्ट के दौरान एयरस्ट्रिप का उपयोग फिर बढ़ा। वर्तमान में इसके रखरखाव और सुरक्षा की जिम्मेदारी बालको प्रबंधन के पास है। हालांकि समय-समय पर शासन के विमान भी यहां उतरते रहे हैं। ऐसे में एयरस्ट्रिप को कमर्शियल एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए अब इसके मौजूदा ढांचे को व्यापक स्तर पर विकसित करने की जरूरत होगी।
रनवे विस्तार के बाद बढ़ेगी उड़ान की संभावना
प्रस्तावित योजना में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु रनवे का विस्तार है। जामबहार की दिशा में रनवे को बढ़ाने के साथ उसकी लंबाई और चौड़ाई को निर्धारित मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसके अलावा यात्रियों के लिए टर्मिनल भवन, सुरक्षा जांच, पार्किंग, अग्निशमन, विमान संचालन से जुड़ी सुविधाएं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित करनी होंगी।
तकनीकी टीम के सर्वे के बाद यह स्पष्ट होगा कि वर्तमान एयरस्ट्रिप को किस स्तर तक विकसित करने की आवश्यकता है और इसके लिए कितने अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत होगी। शुरुआती तौर पर 10 करोड़ रुपये का प्रावधान होने से परियोजना के प्रारंभिक चरण को गति मिलने की उम्मीद है।
उद्योग और व्यापार को मिलेगा बड़ा लाभ
कोरबा प्रदेश की प्रमुख औद्योगिक नगरी है। यहां एनटीपीसी, बालको, एसईसीएल सहित कई बड़े औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हैं। यदि कोरबा को नियमित हवाई सेवा मिलती है तो उद्योगपतियों, अधिकारियों, निवेशकों और व्यापारियों की आवाजाही आसान होगी। इससे औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ नए निवेश की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
हवाई संपर्क बेहतर होने से कोरबा के लोगों को रायपुर और अन्य बड़े शहरों तक पहुंचने के लिए लंबी सड़क या रेल यात्रा पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। आपात परिस्थितियों में भी हवाई कनेक्टिविटी उपयोगी साबित हो सकती है।
पर्यटन और स्थानीय कारोबार को भी मिलेगा फायदा
कोरबा जिला प्राकृतिक और धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। जिले के जलाशय, जंगल, धार्मिक स्थल और प्राकृतिक क्षेत्र पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। हवाई सेवा शुरू होने से बाहर से आने वाले पर्यटकों और व्यवसायिक यात्रियों के लिए कोरबा तक पहुंचना आसान हो सकता है। इसका सीधा लाभ होटल, परिवहन, खान-पान, स्थानीय बाजार और अन्य सेवा क्षेत्रों को मिलने की संभावना है।
कलेक्टर बोले- जल्द पहुंचेगी तकनीकी टीम
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि केंद्र सरकार की उड़ान योजना में कोरबा को शामिल किया गया है। सिविल एविएशन की ओर से इस वर्ष के बजट में 10 करोड़ रुपये की प्रारंभिक राशि का प्रावधान किया गया है। फिलहाल प्रक्रिया शुरुआती चरण में है। जल्द ही तकनीकी टीम कोरबा पहुंचकर रूमगरा एयरस्ट्रिप का सर्वे करेगी। एयरस्ट्रिप के विस्तार और तकनीकी मूल्यांकन के बाद कोरबा को हवाई सेवा से जोड़ने की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
अब सर्वे रिपोर्ट पर टिकी नजर
रूमगरा एयरस्ट्रिप को कमर्शियल एयरपोर्ट में विकसित करने की योजना ने कोरबा में वर्षों पुरानी हवाई सेवा की मांग को नई उम्मीद दी है। हालांकि अभी यह प्रक्रिया प्रारंभिक चरण में है और नियमित उड़ान शुरू होने से पहले कई तकनीकी और प्रशासनिक चरण पूरे करने होंगे। तकनीकी सर्वे, रनवे विस्तार और आवश्यक अधोसंरचना के मूल्यांकन की रिपोर्ट आने के बाद ही परियोजना की वास्तविक दिशा और समयसीमा स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल कोरबावासियों की निगाहें उस तकनीकी टीम के आगमन पर हैं, जिसके सर्वे को हवाई सेवा की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है।
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