कोरबा

कोरबा: मासूम हत्याकांड के आरोपी की न्यायालय परिसर में पिटाई, अधिवक्ताओं में आक्रोश

 

कोरबा (ट्रैक सिटी)। रजगामार क्षेत्र में सात वर्षीय मासूम बच्ची के अपहरण और हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी अजय उर्फ अमित चौहान (42 वर्ष) को शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय में पेशी के बाद आरोपी को बाहर लाए जाने के दौरान न्यायालय परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने आरोपी को पकड़कर उसके साथ मारपीट की। अचानक हुए घटनाक्रम से मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद आरोपी को अधिवक्ताओं के बीच से निकाला और पुलिस वाहन में बैठाकर जिला जेल पहुंचाया।

मासूम के साथ हुई घटना को लेकर रजगामार से लेकर कोरबा शहर तक लोगों में आक्रोश बना हुआ है। विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने घटना की निंदा करते हुए आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।

न्यायालय परिसर में मारपीट, पुलिस ने संभाला मोर्चा

आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जब पुलिसकर्मी उसे कक्ष से बाहर लेकर आ रहे थे, तभी वहां मौजूद कुछ अधिवक्ताओं ने उसे घेर लिया। इसके बाद आरोपी के साथ लात-घूंसों से मारपीट की गई। पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए आरोपी को भीड़ से छुड़ाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस आरोपी को सुरक्षित रूप से पुलिस वाहन तक ले गई और उसे जिला जेल पहुंचाया।

घटनाक्रम के दौरान न्यायालय परिसर में काफी गहमागहमी रही। मासूम के साथ हुई घटना को लेकर अधिवक्ताओं में भी गहरा आक्रोश देखने को मिला।

आरोपी की पैरवी नहीं करने पर विचार, पीड़ित परिवार को मिलेगी कानूनी मदद

इस मामले में जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व सचिव नूतन सिंह ठाकुर ने कहा कि आरोपी की ओर से कोई भी अधिवक्ता पैरवी न करे, इस संबंध में संघ स्तर पर निर्णय लिया जा रहा है। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और उनकी ओर से प्रकरण में पैरवी करने की बात भी कही।

मासूम के साथ हुई घटना के बाद अधिवक्ताओं सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने आरोपी के खिलाफ कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस चौकी में जुटे सैकड़ों लोग

आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आने के बाद शुक्रवार सुबह रजगामार पुलिस चौकी में सैकड़ों लोग जुट गए। लोगों ने हंगामा करते हुए आरोपी को सामने लाने की मांग की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सतर्कता बरती और आरोपी को आक्रोशित ग्रामीणों के बीच लाने से बचते हुए कोरबा मुख्यालय पहुंचाया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मासूम के साथ हुई घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। ग्रामीण और शहरवासी आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

विभिन्न संगठनों ने सौंपा ज्ञापन, कैंडल मार्च की घोषणा

घटना के विरोध में विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। छत्तीसगढ़ जोहार पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना (गैर राजनीतिक संगठन) के प्रतिनिधियों ने जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।

वहीं, आम आदमी पार्टी की ओर से सुभाष चौक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने की जानकारी दी गई है। रजगामार में कांग्रेस की ओर से कैंडल मार्च निकालने की बात मोहम्मद आवेश कुरैशी ने कही है। घटना को लेकर क्षेत्र में लगातार विरोध और न्याय की मांग उठ रही है।

गिरा हुआ पैसा दिलाने का झांसा देकर बच्ची को ले गया आरोपी

पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि सात वर्षीय बच्ची 19 अक्टूबर 2026 को रजगामार क्षेत्र से लापता हुई थी। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश शुरू की थी।

पुलिस के अनुसार, आरोपी अजय उर्फ अमित चौहान का रजगामार क्षेत्र में आना-जाना था। घटना वाले दिन बच्ची किराना दुकान की ओर जा रही थी। इसी दौरान आरोपी ने बच्ची को रास्ते में रोका और उसका गिरा हुआ पैसा दिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले गया। पुलिस के मुताबिक, कुछ दूर ले जाने के बाद आरोपी ने बच्ची के साथ गंभीर अपराध को अंजाम दिया।

बाद में गांव के श्मशान घाट के पास बच्ची का शव मिला। पुलिस ने बच्ची की हत्या की पुष्टि की है। वहीं, उसके साथ यौन अपराध की पुष्टि के संबंध में चिकित्सकीय रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

दो शादियां, बालको और रजगामार में रहता था संपर्क

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अजय उर्फ अमित चौहान पिता बाबूलाल, उम्र 42 वर्ष, बालको नगर के सेक्टर-5 का निवासी है। उसकी पहली पत्नी बालको नगर में रहती है, जबकि दूसरी पत्नी रजगामार चौकी क्षेत्र के रावणभाठा मोहल्ले में रहती है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपनी दूसरी पत्नी से मिलने अक्सर रजगामार आया करता था। घटना वाले दिन भी वह इसी क्षेत्र में मौजूद था। इसी दौरान बच्ची से संपर्क होने के बाद उसने वारदात को अंजाम दिया।

हत्या और पॉक्सो की धाराएं जोड़ी गईं

पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के साथ धारा 66 तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) की धारा 4 और 6 के तहत कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, तकनीकी साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय परीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

मामले में अब पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों को स्थापित किया जाएगा।

पूरे जिले में न्याय की मांग

रजगामार की मासूम के साथ हुई घटना ने पूरे कोरबा जिले में गहरा आक्रोश पैदा किया है। ग्रामीणों, अधिवक्ताओं और विभिन्न संगठनों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए कानूनी सहायता की पहल भी सामने आई है।

हालांकि, आरोपी के प्रति लोगों के आक्रोश के बीच यह भी महत्वपूर्ण है कि मामले की सुनवाई और दंड का निर्धारण कानून के अनुसार न्यायालय द्वारा किया जाए। मासूम को न्याय दिलाने की मांग के साथ अब सभी की निगाहें पुलिस जांच, चिकित्सकीय रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं।

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