कोरबा

जिले में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 4 हजार 123 अधिक किसानों ने बेचा धान

पिछले वर्ष से 3 लाख 49 हजार क्विंटल से अधिक धान की हुई खरीदी

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धान खरीदी की व्यवस्थाओं से संतुष्ट किसान, नये खरीदी केंद्रों ने भी दी राहत

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कोरबा / धान खरीदी महापर्व के दौरान कोरबा जिले के किसानों ने उत्साहित होकर अपना धान समर्थन मूल्य पर समितियों में बेचा। शासन-प्रशासन द्वारा की गई सुनियोजित व्यवस्थाओं के कारण पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 4 हजार 123 अधिक किसानों ने अपना धान सहकारी समितियों में बेचा। पिछले वर्ष के तुलना में इस वर्ष 3 लाख 49 हजार क्विंटल से अधिक की धान खरीदी हुई। शासन द्वारा जिले में इस वर्ष खोले गये छह नवीन धान उपार्जन केंद्रों से भी किसानों को काफी सहूलियत हुई। नये खरीदी केंद्र खुलने से किसानों को दूर धान बेचने जाने से राहत मिली। जिससे किसानों के पैसे और समय की काफी बचत हुई। जिला प्रशासन द्वारा सभी धान उपार्जन केंद्रों में बिजली, पानी, शौचालय, मेडिकल कीट के साथ-साथ खरीदी के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थी। इन सब व्यवस्थाओं से जिले के किसान काफी संतुष्ट नजर आये। केंद्रों पर धान बेचने की आसानी होने से किसान शासन का आभार भी जता रहे हैं।

जिला सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी एस.के. जोशी ने बताया कि पिछले वर्ष 29 हजार 950 किसानों ने अपना धान समर्थन मूल्य पर बेचा था। इस खरीफ वर्ष 2021-22 में जिले के 34 हजार 073 किसानों ने अपना धान सहकारी समितियों में बेचा है। पिछले वर्ष 13 लाख 52 हजार 710 क्विंटल धान की खरीदी हुई थी। इस वर्ष जिले के किसानों ने 17 लाख 02 हजार 372 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा हैं। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 25 प्रतिशत अधिक धान की खरीदी हुई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 7 हजार 946 अधिक किसानों का पंजीयन भी हुआ हैं। पिछले वर्ष 32 हजार 591 किसानों ने धान बेचने पंजीयन कराए थे। इस वर्ष 40 हजार 537 किसानों का पंजीयन हुआ हैं।

नये खरीदी केंद्र खुलने से गाड़ी किराया और समय की हुई बचत – विकासखण्ड पोड़ी-उपरोड़ा के अंतर्गत ग्राम लैंगा के रहने वाले किसान सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि पहले धान बेचने के लिए 17 किलोमीटर दूर पसान जाना पड़ता था। अब लैंगा में ही धान खरीदी केंद्र के खुल जाने से परिवहन खर्च और अधिक लगने वाले समय की बचत हुई हैं। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा समय पर केसीसी लोन के साथ खाद, बीज भी प्रदान किया गया। जिससे खेती किसानी में भी आसानी हुई। किसान सुरेन्द्र सिंह ने धान बेचने में कोई परेशानी नहीं होने पर शासन का आभार भी व्यक्त किया।

टोकन भी आसानी से मिला, खरीदी केंद्र की व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित – विकासखण्ड कटघोरा के अंतर्गत धान खरीदी केंद्र जवाली में किसान हेमलाल पटेल ने बताया कि खरीदी केंद्र में टोकन भी आसानी से मिल गया। टोकन मिलने के बाद आसानी से समिति में 60 क्ंिवटल 80 किलो धान बेचा। उन्होंने बताया कि खरीदी केंद्र में सभी कर्मचारियों का सहयोग भी अच्छा रहा। केंद्र में कांटा, तौल, बिजली, पानी, शौचालय की सुविधा तथा पहुंचने के लिए पक्के सीसी रोड़ की भी सुविधा सुनिश्चित की गई थी। पोड़ी-उपरोड़ा के सिरमिना केंद्र के किसान बावन दास ने बताया कि समिति से टोकन आसानी से कटा। जिसके कारण 126 क्विंटल धान खरीदी केंद्र में बेचा। उन्होंने अपने धान बेचने के अनुभव को काफी अच्छा बताया।

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