बस्तर। दीपावली के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ के बस्तर पहुंचे। यहां उन्होंने करनपुर स्थित सीआरपीएफ कैंप में तैनात सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दीपावली का पर्व मनाया। प्रधानमंत्री ने जवानों से मुलाकात कर उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दीं और देश की सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना की।

प्रधानमंत्री ने जवानों को मिठाई खिलाई और उनके साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले जवान उनके परिवार का हिस्सा हैं। जवानों का त्याग, समर्पण और सेवा भावना पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।

नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में जवानों की भूमिका की सराहना
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2026 की दीपावली विशेष है, क्योंकि यह देश के नक्सलवाद-माओवादी आतंक के खिलाफ दशकों लंबे संघर्ष में मिली सफलता के बाद मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि देश के हर जिले को नक्सलवाद से मुक्त करना एक बड़ी उपलब्धि है। हालांकि इस दिशा में सतर्कता और निरंतर प्रयास जरूरी हैं।
प्रधानमंत्री ने सीआरपीएफ, कोबरा, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, छत्तीसगढ़ पुलिस और बस्तर फाइटर्स सहित विभिन्न सुरक्षा बलों के योगदान को नमन किया।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले एक वर्ष में ड्यूटी के दौरान किसी भी सीआरपीएफ जवान की शहादत नहीं होना 47 वर्षों में पहली बार दर्ज हुई उपलब्धि है।
बस्तर के लिए विशेष संदेश
प्रधानमंत्री का यह दौरा बस्तर के लिए विशेष महत्व रखता है। कभी नक्सलवाद से प्रभावित रहे इस क्षेत्र में सुरक्षा के साथ विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है।
जवानों के बीच दीपावली मनाकर प्रधानमंत्री ने उनके प्रति देश की कृतज्ञता और सम्मान का संदेश दिया।

