कोरबा (ट्रैक सिटी)। युवा पत्रकार कन्हैया सोनी के खिलाफ नगर निगम की शिकायत पर एफआईआर दर्ज होने के बाद शहर में राजनीतिक और पत्रकारिता जगत में हलचल तेज हो गई है। एफआईआर दर्ज होने के अगले दिन रविवार, 1 नवंबर को भाजपा नेताओं और पार्षदों ने रैली निकालकर कोतवाली थाना पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए कन्हैया सोनी के खिलाफ कठोर कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की।
मामला नगर निगम क्षेत्र में लगभग 24 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित 18 निर्माण कार्यों से जुड़ा है। बारिश के बाद इन कार्यों का भूमिपूजन उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत की उपस्थिति में किया गया था। इनमें प्रमुख रूप से सड़कों का डामरीकरण शामिल है। पावर हाउस रोड का निर्माण कार्य भी पूरा हो चुका है।
इस सड़क की गुणवत्ता और निर्माण संबंधी जानकारी को लेकर पत्रकार कन्हैया सोनी लगातार सवाल उठा रहे थे। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर पावर हाउस रोड स्थित हीरानंद कॉम्प्लेक्स के सामने एक बोर्ड लगाया था। इसमें सड़क की निर्माण लागत, ठेकेदार का नाम, संधारण व्यय और रखरखाव की अवधि जैसी जानकारियों के लिए खाली स्थान छोड़ा गया था। उनका सवाल था कि इन जानकारियों को सार्वजनिक कौन करेगा। हालांकि, बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया से हटा दिया गया।
दूसरी ओर, नगर निगम के उप अभियंता ने सड़क के डिवाइडर पर बोर्ड लगाने से यातायात बाधित होने और वाहन चालकों को परेशानी होने का आरोप लगाते हुए कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी के अनुसार, शिकायत के आधार पर कन्हैया सोनी के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति विरूपण एवं यातायात अवरोध से संबंधित धाराओं में शनिवार को अपराध पंजीबद्ध किया गया।
भाजपा नेताओं ने की गिरफ्तारी की मांग
एफआईआर के दूसरे दिन भाजपा नेताओं और पार्षदों ने रैली के रूप में कोतवाली पहुंचकर अपना विरोध जताया। इस दौरान पार्षद चंद्रलोक सिंह ने एएसपी नीतिश ठाकुर के समक्ष कहा कि डीएमएफ मद से लगभग 24 करोड़ रुपये के विभिन्न सड़क निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। पावर हाउस रोड का निर्माण भी इसी क्रम में हुआ है, लेकिन इसे 24 करोड़ रुपये की सड़क बताकर लोगों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्माण कार्य की जानकारी चाहिए तो नगर निगम से प्राप्त की जा सकती है। अधिकारियों से जानकारी नहीं मिलने पर जनप्रतिनिधि सहयोग करेंगे, लेकिन सभी कार्य नियमों के तहत होने चाहिए।
पार्षद लक्ष्मण श्रीवास ने पत्रकार की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि गलत जानकारी प्रसारित करने वालों पर अंकुश लगना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को तथ्यों के आधार पर खबर प्रकाशित करनी चाहिए। यदि जनप्रतिनिधि गलत हैं तो उनके खिलाफ भी खबर लिखी जाए, लेकिन भ्रामक जानकारी नहीं दी जानी चाहिए।
वहीं पार्षद नरेंद्र देवांगन ने भी ज्ञापन सौंपते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने भाजपा नेताओं को बताया कि कन्हैया सोनी के खिलाफ एक दिन पहले ही अपराध दर्ज किया जा चुका है। ज्ञापन सौंपने के बाद सभी नेता और पार्षद वापस लौट गए।
कन्हैया सोनी बोले- सवाल उठाने पर दबाई जा रही आवाज
पूरे मामले पर कन्हैया सोनी ने कहा कि उन्होंने जनता के बीच से उठे सवालों को सामने रखने का प्रयास किया था, लेकिन इसके बदले उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उनकी आवाज दबाने की कोशिश क्यों की जा रही है? उनका दावा है कि मामले में कई महत्वपूर्ण तथ्य और गड़बड़ियां हैं, जिनके प्रमाण वे एकत्रित कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इनका खुलासा करने की बात भी उन्होंने कही है।
पत्रकार के खिलाफ एफआईआर और उसके बाद भाजपा नेताओं द्वारा गिरफ्तारी की मांग किए जाने का यह घटनाक्रम शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब इस मामले में पुलिस की आगामी कार्रवाई और सड़क निर्माण से संबंधित तथ्यों के सार्वजनिक होने पर सभी की नजरें टिकी हैं।
