कोरबा

दुघर्टना के कारण बनने वाले स्थानों को ठीक करें निर्माण एजेंसीः कलेक्टर।

जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित।

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*दुर्घटना-मुक्त कोरबा की दिशा में बड़ा कदम : जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर ने दिए कड़े निर्देश*

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कोरबा (ट्रैक सिटी)/ जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा सड़क सुरक्षा प्रबंधन को मजबूत बनाने हेतु कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी की उपस्थिति में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क दुर्घटना नियंत्रण और सुधारात्मक उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए त्वरित एवं ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस विभाग, पीडब्ल्यूडी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, परिवहन विभाग, एसईसीएल, बालको सहित विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के अधिकारी उपस्थित रहे।

*ब्लैक स्पॉट पर त्वरित सुधार कार्य के निर्देश*

कलेक्टर दुदावत ने चिन्हित ब्लैक स्पॉट एवं दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों में आवागमन सुगम बनाने हेतु पेड़ों की कटाई, झाड़ियों की सफाई, सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने, सोल्डर क्षेत्र को भरने, रेडियम युक्त संकेतक बोर्ड लगाने, रंबल स्ट्रिपर, प्रकाश व्यवस्था सुधार एवं नियमित पानी छिड़काव के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि निर्माण एजेंसियाँ और सार्वजनिक उपक्रम निर्धारित समय एक सप्ताह में सभी कार्य पूर्ण करें, अन्यथा दुर्घटना की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

*भीड़भाड़ एवं संवेदनशील मार्गों की समीक्षा*

बैठक में बैरा घाट, पोडीकला घाट, लैंगा स्कूल मार्ग, कुकरीचोली-भैसमा रोड, भैसमा-सक्ती मोड़, उरगा चौक-कोरबा रोड, राताखार-जोड़ा पुल, बालको ऐश डेक रोड, गोपालपुर-छुरीकला, दीपका गौरव पथ सहित जिले के अत्यधिक व्यस्त एवं संवेदनशील मार्गों की समीक्षा की गई। प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया कि कई स्थानों पर सड़क चौड़ीकरण, मोड़ सुधार, क्रैश बैरियर, रिफ्लेक्टर और अन्य इंजीनियरिंग सुधार कार्य पूर्ण होने के साथ कई कार्य प्रगति पर हैं। कलेक्टर ने बैरा घाट और पोडीकला घाट जैसे जोखिमपूर्ण इलाकों में दुर्घटनाओं का कारण बनने वाले वृक्षों की कटाई के लिए वन विभाग कटघोरा को निर्देशित किया। साथ ही सड़क सुरक्षा, ढाल सुधार, कटाव रोकथाम और किनारों की मजबूती पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों के समीप स्थित सड़क मार्गों पर विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संकेतक बोर्ड, स्पीड कंट्रोल उपाय और आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।

*भारी वाहनों के चालकों का नियमित नेत्र परीक्षण अनिवार्य*

पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने एसईसीएल, बालको तथा सभी सार्वजनिक उपक्रमों को वर्ष में दो बार नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। परिवहन अधिकारी को इस संबंध में सभी उपक्रमों को पत्र जारी करने के लिए कहा गया।

*पानी छिड़काव एवं धूल नियंत्रण के निर्देश*

कोयला एवं फ्लाई ऐश परिवहन मार्गों सहित गोपालपुर-छुरीकला, बालको-दर्री डेम मार्ग पर नियमित पानी छिड़काव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

*क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों की मरम्मत शीघ्र कराएं*

कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी सेतु विभाग को जिले के सभी पुल-पुलियों का सर्वे कराकर क्षतिग्रस्त बैरिकेडिंग, गड्ढों सहित अन्य मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। परिवहन अधिकारी को प्रमुख मार्गों के पुल-पुलियों की सूची तैयार करने को कहा गया।

*ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई*

कलेक्टर ने ओवरलोड वाहनों की नियमित जांच के निर्देश देते हुए परिवहन अधिकारी को उड़नदस्ता दल को सक्रिय रूप से कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

*आपातकालीन सहायता फंड की व्यवस्था*

उन्होंने आरटीओ को सड़क सुरक्षा समिति के नाम से बैंक खाता खोलने तथा कंपनियों एवं परिवहनकर्ताओं के सहयोग से आपातकालीन दुर्घटनाओं में पीड़ित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने हेतु राशि संग्रह करने के निर्देश दिए।

*हिट एंड रन पीड़ितों को सहायता दिलाने के निर्देश*

कलेक्टर ने हिट एंड रन मामलों में पीड़ित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने तथा इस योजना के तहत मृत्यु पर दो लाख रुपये तक की सहायता राशि की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। इसके तहत बैनर-पोस्टर जनपद कार्यालयों एवं थानों में लगाए जाएंगे।

*जन-जागरूकता गतिविधियों को गति देने के निर्देश*

उन्होंने निबंध, क्विज, नुक्कड़ नाटक आदि माध्यमों से विद्यार्थियों एवं नागरिकों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।

अंत में कलेक्टर ने कहा कि सड़क सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। सभी विभाग निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करें, संवेदनशील स्थलों की नियमित मॉनिटरिंग करें तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी का उत्तरदायित्व तय किया जाएगा।

बैठक में आयुक्त आशुतोष पांडेय, जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, ओएसडी तरुण कुमार किरण, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, आेंकार यादव, सहायक कलेक्टर क्षितिज गुरभेले, परिवहन अधिकारी विवेक सिन्हा, पीडब्ल्यूडी ईई जी.आर. जांगड़े सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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