रायगढ़

नेश्नल हाईवे 49 के किनारे मिली मनीष पंडा के शव के मामले में रायगढ़ पुलिस का खुलासा,

ब्लाइंड मर्डर केस में 48 घंटे के भीतर लिया आरोपियों को हिरासत में....

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सायबर सेल और जूटमिल पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मिली सफलता, एफएसएल अधिकारियों और डॉग स्क्वॉड की रही सक्रिय भूमिका…

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पुरूष मित्र से पीछा छुड़ाने आरोपित युवती ने अपने पुराने पुरूष मित्र के साथ प्लानिंग कर दिया था हत्या को अंजाम…

रायगढ़(ट्रैक सिटी) 30 जून की रात शिवम मोटर्स में काम करने वाले अकाउंटेट मनीष पंडा के मोबाइल अचानक बंद होने और घर वापस ना आने पर उसके परिजनों द्वारा जूटमिल थाना आकर गुम इंसान दर्ज कराया गया जिसके बाद पतासाजी के दौरान 01 जुलाई के शाम थाना जूटमिल क्षेत्र अंतर्गत नेश्नल हाईवे 49 पर अमलीभौना रोड किनारे गढ़उमरिया के रहने वाले मनीष कुमार पंडा पिता भरत भूषण पंडा उम्र 35 वर्ष का शव मिला था । मामले की सूचना पर वरिष्ठ अधिकारीगण के साथ, थाना जूटमिल पुलिस, साइबर सेल, एफएसएल की टीम, डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे । प्रथम दृष्टया घटनास्थल एक्सीडेंटल स्पॉट जैसा दिखाने का प्रयास किया गया था परन्तु पंचनामा कार्यवाही के दौरान घटनास्थल और शव का बारीकी से निरीक्षण करने पर मामला हत्यात्मक प्रवृत्ति के होना का संदेह शुरू से ही पुलिस एवं परिजनों को हो गया था, जिसकी पुष्टि एफएसएल अधिकारी की राय और पोस्ट मार्टम रिपोर्ट से भी हुई । जूटमिल पुलिस द्वारा अज्ञात आरोपी के विरूद्ध हत्या का अपराध पंजीबद्ध किया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय महादेवा के मार्गदर्शन में जुटमिल पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम को प्रकरण में अग्रिम जांच और आरोपियों की पतासाजी हेतु लगाया गया । सायबर सेल पर्यवेक्षण अधिकारी दीपक मिश्रा के नेतृत्व में एक टीम सीसीटीवी फुटेज की जांच करने हेतु एक टीम फारेंसिक अधिकारियों की मदद से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने हेतु तथा एक टीम टेक्निकल एनालिसिस हेतु लगाई गई । शुरूवाती पूछताछ में मृतक के वारिसान बताये कि 30 जून के सुबह प्रतिदिन की तरह मनीष अपने बजाज पल्सर मोटर साइकिल से ड्यूटी गया था, दोपहर घर खाना खाने आया और फिर ड्यूटी चला गया रात को मनीष ने मां पत्नी बच्चों से वीडियो कॉल कर जल्दी घर आने की बात कही थी और अचानक उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया घरवाले उसके ऑफिस जाकर पता किए तो गार्ड बताया कि मनीष काफी पहले चला गया था । जांच टीम मनीष के कार्यस्थल तथा उसे जान परिचित प्रत्येक व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही थी । इसी बीच जांच टीम को कबीर चौक हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाली सरिता पटेल से मनीष पंडा के संबंध होने की जानकारी मिली । सरिता पटेल मनीष पंडा के साथ पूर्व में काम करती थी । सरिता पटेल ने प्रारंभिक पूछताछ में 30 जून को मनीष पंडा से मिलने की बात से साफ इंकार किया परन्तु जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को दिखाकर हिकमत अमली से उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि पहले उसने मनीष को सोशल मीडिया पर कॉल करके अपने घर के पास कबीर चौंक जाकर मिलना और आगे के घटनाक्रम के वृतांत के संबंध में पुलिस को सम्पूर्ण जानकारी दी।

आरोपिया के बताये अनुसार शिवम मोटर्स के उसके पुराने सहकर्मी मनीष पंडा के साथ मित्रता पूर्व से थी जिसकी जानकारी मनीष की पत्नी को होने पर पूर्व में विवाद भी हुआ था । काम के दौरान जब उसकी मनीष से नजदीकियां बढाने लगी मनीष उस पर पत्नी की तरह हक जताने लगा जिससे मनीष से दूरी बनाने लगी । मनीष को रास्ते से हटाने के लिये अपने पुराने फ्रेंड महेंद्र पटेल निवासी हरदी झरिया से संपर्क की और पूरी बात बताई । महेंद्र और सरिता ने मनीष पंडा को रास्ते से हटाने के लिए योजना बनाये । योजना के मुताबिक 30 जून की रात सरिता सोशल मीडिया अकाउंट से कॉल कर मनीष को घर के पास बुलाई और उसके साथ बाइक में बैठकर ट्रांसपोर्ट नगर नेशनल हाईवे 49 की ओर जाने लगी, प्लान के मुताबिक रास्ते में महेंद्र पटेल अपनी कार में मिला, रास्ते में मनीष पंडा मोटरसाइकिल को खड़ी कर उनके साथ कार में बैठा और तीनों कार में बैठकर मुख्य सड़क से उतर कर जिंदल सीमेंट प्लांट के पीछे कच्ची सड़क की ओर जाकर एक स्थान पर रूक गये । जहां सरिता और मनीष के बीच कहासुनी हुई विवाद बढ़ने लगा फिर दोनों के मध्य हाथापाई के बीच सरिता और महेंद्र पटेल ने मिलकर कार में रखे जैक पाना, राड से मनीष पंडा के सर पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दिए । उसके बाद गाड़ी में शव को रखकर मोटरसाइकिल के पास लाकर छोड़ दिए घटना के बाद फरार आरोपी महेंद्र पटेल को पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही थी । पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच आरोपी महेंद्र पटेल को ग्राम धनागर के पास मुखबिर सूचना पर आज हिरासत में लिया जिसने आरोपिया सरिता के साथ मिलकर मनीष पंडा की हत्या की बात कबूल किया है । आरोपी महेन्द्र के घर से घटना में प्रयुक्त कार, आरोपिया के पहने कपडे, जूते, मुख्य घटनास्थल से खून आलूदा मिट्टी, शर्ट का एक बटन की जप्ती की गई है । जूटमिल पुलिस आरोपी महेंद्र पटेल का पुलिस रिमांड लेकर सभी अन्य साक्ष्यों जब्ती कार्यवाही किया जावेगा । अंधे कत्ल के 48 घंटे के भीतर खुलासे में थाना प्रभारी जूटमिल रामकिंकर यादव, सायबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक नंद किशोर गौतम, उनि कमल पटेल, एएसआई भागीरथी चौधरी, प्रधान आरक्षक राजेश पटेल, दुर्गेश सिंह, बृजलाल गुर्जर, रेणु मंडावी, आरक्षक महेश पंडा, प्रशांत पंडा, विकास प्रधान, सुरेश सिदार, नवीन शुक्ला, धनंजय कश्यप, पुरूपेन्द्र जाटवर, विक्रम सिंह, रविन्द्र गुप्ता, प्रताप बेहरा, महिला आरक्षक मेनका चौहान, महिला आरक्षक प्रियंका मिंज, बनारसी सिदार, धर्नुजय बेहरा, लखेश्वर पुरसेठ, विनय तिवारी की अहम भूमिका रही है ।

आरोपी – (1) सरिता पटेल पिता टिकेश्वर पटेल 26 साल निवासी ग्राम कोसमंदा थाना डभरा जिला सक्ती हाल मुकाम नवापारा हाउसिंग बोर्ड कालोनी थाना जूटमिल

(2) महेन्द्र पटेल पिता नारायण प्रसाद उम्र 32 साल निवासी हरदी झरिया थाना भूपदेवपुर जिला रायगढ़

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