कोरबा (ट्रैक सिटी)/ कोरबा पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई से इमारती लकड़ी के अवैध परिवहन के मामले में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। प्रारंभिक शिकायत में सात वृक्षों से संबंधित लकड़ी के अवैध परिवहन का उल्लेख था, किंतु गहन विवेचना एवं पुलिस-वन विभाग की समन्वित कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में इमारती लकड़ी एवं उपयोग में लाई गई क्रेन बरामद की गई है।
वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा थाना सिविल लाइन रामपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि सीएसईबी रामपुर स्थित जूनियर क्लब के समीप राजस्व क्षेत्र में सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से वृक्षों की कटाई का कार्य चल रहा था। निरीक्षण के दौरान सात वृक्षों से प्राप्त इमारती लकड़ी के अनधिकृत रूप से परिवहन किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई, जिस पर तत्काल अपराध पंजीबद्ध किया गया।
*वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में गठित हुई विशेष टीम*
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले एवं नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में थाना सिविल लाइन प्रभारी प्रशिक्षु डीएसपी सुश्री आस्था शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर मामले की गंभीरता से जांच प्रारंभ की गई।
तकनीकी साक्ष्यों, दस्तावेजी विश्लेषण एवं सतत् पतासाजी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई, जिससे लकड़ी को कोरबा से रायपुर-अभनपुर क्षेत्र तक ले जाने के संबंध में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
*प्रदेश स्तरीय संयुक्त कार्रवाई में बड़ी बरामदगी*
विवेचना के दौरान प्रदेश स्तर पर गठित संयुक्त जांच दल की कार्रवाई में लगभग 20.169 घन मीटर इमारती लकड़ी, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹9 लाख है, बरामद की गई। साथ ही परिवहन एवं लोडिंग में प्रयुक्त एक क्रेन भी जप्त की गई है।
मामले में *आरोपी सुनील कुमार गुप्ता* को गिरफ्तार कर थाना सिविल लाइन के अपराध क्रमांक 673/2026 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), 316(5) एवं 317(2) के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
*पूरे प्रकरण की हर पहलू से जांच जारी*
प्रारंभिक शिकायत एवं विवेचना के दौरान हुई बरामदगी के आधार पर पुलिस एवं संबंधित विभाग पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रहे हैं। यह परीक्षण किया जा रहा है कि बरामद इमारती लकड़ी का स्रोत क्या है, अवैध परिवहन में किन-किन व्यक्तियों की भूमिका रही तथा क्या इस मामले में अन्य व्यक्तियों अथवा संगठित नेटवर्क की संलिप्तता है।
कोरबा पुलिस स्पष्ट करती है कि विवेचना निष्पक्ष, वैज्ञानिक एवं साक्ष्य आधारित तरीके से जारी है। जांच में जो भी तथ्य एवं संलिप्त व्यक्ति सामने आएंगे, उनके विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
*कोरबा पुलिस की अपील*
यदि किसी भी व्यक्ति को शासकीय अथवा वन संपदा की अवैध कटाई, परिवहन अथवा भंडारण संबंधी कोई जानकारी प्राप्त होती है, तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम थाना अथवा कोरबा पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
