कोरबा

मनरेगा का नाम बदलने के बाद नए कार्यों पर विराम, 31 मार्च तक पुराने काम पूरे करने के निर्देश।

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कोरबा (ट्रैक सिटी)/ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर ‘विकसित भारत-जी राम जी’ किए जाने के बाद जिले में नए कार्यों की मंजूरी पर फिलहाल विराम लग गया है। स्थिति यह है कि अब तक किसी भी नए कार्य को स्वीकृति नहीं मिली है, जबकि पूर्व में स्वीकृत कार्यों को 31 मार्च तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद फंड मिलने को लेकर भी संशय की स्थिति बनी हुई है।

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जानकारी के अनुसार, जिले में 225 डबरी निर्माण कार्यों के लिए करीब 4 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई थी। वहीं, 33 करोड़ रुपए के 4469 पुराने कार्य प्रगति पर हैं, जिन्हें समयसीमा के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। पंचायत स्तर पर तालाब निर्माण, गहरीकरण, सामुदायिक शौचालय, ग्रामीण सड़क, वनीकरण, भूमि विकास और पौधरोपण जैसे कई कार्य अभी अधूरे हैं।

मनरेगा के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में भी 90 मानव दिवस की मजदूरी का प्रावधान है, जिसके अंतर्गत वर्तमान में आवास निर्माण कार्य जारी हैं। इसके साथ ही डबरी निर्माण के कार्य भी चल रहे हैं, जिन्हें इसी माह तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

नए वित्तीय वर्ष अप्रैल से ‘विकसित भारत-जी राम जी’ के तहत कार्य शुरू किए जाने की संभावना है। इसके अंतर्गत युवाओं को ग्रामीण विकास और आजीविका से जोड़ने के उद्देश्य से ‘वीसी-जी यूथ डिजिटल कैंपेन’ की शुरुआत की गई है, जो भारत पोर्टल के माध्यम से संचालित हो रहा है। इस अभियान में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवा भाग ले सकते हैं और विजेताओं को 50 हजार रुपए तक का पुरस्कार देने का प्रावधान रखा गया है। हालांकि, नई योजना के लिए अभी तक कोई बजट जारी नहीं हुआ है, जिससे नए कार्यों की मंजूरी भी लंबित है।

जिले में कुल 412 ग्राम पंचायतों में से 393 पंचायतों में कार्य संचालित हो रहे हैं, जहां 21,670 से अधिक मजदूर कार्यरत हैं। मजदूरों को प्रतिदिन 261 रुपए की मजदूरी दी जा रही है, जिसका भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन किया जाता है। महिला और पुरुष मजदूरों को समान मजदूरी दी जा रही है।

जिला पंचायत कोरबा के मनरेगा एपीओ संदीप डिक्सेना के अनुसार, “पुराने कार्यों को मार्च माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। नई योजना ‘विकसित भारत-जी राम जी’ के लिए अभी बजट प्राप्त नहीं हुआ है और नए कार्यों की मंजूरी को लेकर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी नहीं हुए हैं।”

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