कोरबा (ट्रैक सिटी)। छत्तीसगढ़ के 26वें राज्योत्सव के अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देशन में 31 अक्टूबर 2026 को पीएम श्री सेजेस बालकोनगर में विकासखंड स्तरीय विभिन्न शैक्षणिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाषण, निबंध एवं क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें कोरबा विकासखंड के 20 विद्यालयों के लगभग 54 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी बौद्धिक क्षमता, अभिव्यक्ति कौशल, सामान्य ज्ञान और रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने तीनों विधाओं में पूरे आत्मविश्वास और उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। निबंध प्रतियोगिता में भानु गुप्ता ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वे सेजेस रूआबांधा साडा, कोरबा के विद्यार्थी हैं। बीटीआई हायर सेकेंडरी स्कूल बालको की रिया पाण्डेय ने द्वितीय तथा पीएम श्री सेजेस बालको की हिमानी सोनी ने तृतीय स्थान हासिल किया।
इसी प्रकार भाषण प्रतियोगिता में पीएम श्री सेजेस बालको की आयुषी सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया। पीएम श्री सेजेस तिलकेजा की जानी पटेल द्वितीय तथा सेजेस साडा कन्या, कोरबा की प्रिया साहू तृतीय स्थान पर रहीं। विद्यार्थियों ने अपने विचारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर निर्णायक मंडल का ध्यान आकर्षित किया।
क्विज प्रतियोगिता में बी. बाल सदन उच्चतर माध्यमिक शाला बालको की दृष्टि धीवर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। पीएम श्री सेजेस बालको के दिनेश कुरी द्वितीय तथा हाई स्कूल गढ़ उपरोड़ा की जिया ने तृतीय स्थान हासिल किया। प्रश्नोत्तरी के दौरान विद्यार्थियों ने अपने सामान्य ज्ञान और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का परिचय दिया।
कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी कोरबा टी.पी. उपाध्याय, विकासखंड शिक्षा अधिकारी जितेन्द्र साहू, बीआरसीसी अनिल रात्रे, प्रभारी प्राचार्य श्रीमती मनहर, व्याख्याता संजय दुबे, कश्यप प्रधानपाठक, सीएसी सत्यनारायण मनहर (बालको संकुल क्रमांक-01) उपस्थित रहे। इसके अलावा वार्ड क्रमांक 42 के पार्षद एवं पार्षद दल के सचेतक सत्येन्द्र दुबे तथा पीएम श्री सेजेस बालको की शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जितेन्द्र नाथ दुबे की भी विशेष उपस्थिति रही। विद्यालय की प्रभारी प्राचार्य श्रीमती कृष्णा रानी मनहर सहित समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी कार्यक्रम में शामिल हुए।
प्रतियोगिताओं के निष्पक्ष एवं व्यवस्थित संचालन के लिए विभिन्न विद्यालयों से आमंत्रित आचार्य एवं व्याख्याताओं ने निर्णायक की भूमिका निभाई। निर्णायकों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और शैक्षणिक वातावरण की प्रशंसा की। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम का उद्देश्य राज्योत्सव के अवसर पर विद्यार्थियों में शैक्षणिक रुचि, रचनात्मक सोच, तार्किक क्षमता और मंच पर अपनी बात रखने का आत्मविश्वास विकसित करना रहा। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों की उपलब्धि से विद्यालयों में भी उत्साह का माहौल रहा। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे आगे बढ़ाने के लिए एक बेहतर मंच प्रदान किया।

