कोरबा

वेदांता बालको ने अपने एल्यूमिनियम स्मेल्टर में बायोडीजल के उपयोग का सफलतापूर्वक परीक्षण किया 

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (1)

कोरबा(बालकोनगर)/ट्रैक सिटी न्यूज वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी (बालको) ने स्मेल्टर संचालन में बायोडीजल उपयोग करने के अपने पहले परीक्षण में सफलता प्राप्त की। कंपनी ने पिघले हुए गर्म धातु (एल्यूमिनियम) को लेकर जाने वाले लैडल्स को गर्म करने के लिए बायोडीजल का इस्तेमाल किया। गर्म धातु को उच्च ताप पर ही पॉटलाइन से कास्ट हाउस तक लेकर जाने के लिए लैडल्स की जरूरत पड़ती है। एक बड़े क्षेत्र में फैले हुए पॉटलाइन में एल्यूमिना पाउडर को इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया के द्वारा पिघले एल्यूमिनियम में परिवर्तित किया जाता है। लैडल के भीतर की नमी को खत्म करने के लिए प्रीहीटिंग प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण है जिससे पिघले हुए एल्यूमिनियम को विभिन्न उत्पादों में परिवर्तित करने के लिए कास्ट हाउस लेकर जाने के दौरान धातु की शुद्धता और उच्च ताप को बनाये रखा जा सके।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07

बायोडीजल कार्बनिक पदार्थों से प्राप्त ईंधन का रूप है जिसके उपयोग से जीवाश्म ईंधन की तुलना में काफी कम ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन होता है तथा साथ ही यह किसानों की आय वृद्धि में सहायक है। यह परीक्षण वेदांता कंपनी के विजन नेट जीरो कार्बन के अनुरूप है। इस दिशा में बालको हरित ईंधन के विभिन्न स्रोतों जैसे नवीकरणीय ऊर्जा, बायोमास, बायोडीजल आदि के माध्यम से अपने ऊर्जा मिश्रण में हरित ऊर्जा की मात्रा को बढ़ाने पर विचार कर रही है। कंपनी वर्तमान में प्रतिदिन 40-50 टन बायोमास ब्रिकेट का उपयोग करते हुए जीवाश्म ईंधन पर अपनी निर्भरता को कम कर रही है। भविष्य में बायोमास खपत की मात्रा को और बढ़ाने की योजना है।

डीकार्बोनाइजेशन की यात्रा में ऊर्जा संरक्षण और हरित ईंधन में वृद्धि बालको के दो महत्वपूर्ण पहल है। वित्त वर्ष 2022 में बालको ने विभिन्न उर्जा संरक्षण के माध्यम से लगभग 22000 गीगा जूल ऊर्जा की बचत की है।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक अभिजीत पति ने कहा कि 2050 तक या उससे पहले कार्बन उत्सर्जन को शून्य करने की प्रतिबद्धता के अनुरूप हम संयंत्र को डीकार्बोनाइज करने के लिए मजबूत कदम उठा रहे हैं। हमने ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने के तरीकों में सुधार एवं ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों का अधिकतम उपयोग करने के लिए नवीन तकनीकों को अपनाया है। हमारे स्मेल्टर में बायोडीजल के सफल प्रायोगिक परीक्षण हमें अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम करने की दिशा में प्रोत्साहित करते है। ईएसजी में उत्कृष्टता पहल के साथ बालको निरंतर सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए व्यवसाय और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ लाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।

ईएसजी लक्ष्यों की दिशा में उत्कृष्ट कार्यों हेतु बालको को विभिन्न प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। कंपनी को सबसे प्रतिष्ठित सम्मान आईएमसी आरबीएनक्यू माइलस्टोन मेरिट्स रिकग्निशन 2021 पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। साथ ही वित्तीय वर्षों में नेशनल एनर्जी लीडर्स अवार्ड 2022 तथा धातु क्षेत्र में उत्कृष्ट ऊर्जा प्रबंधन के लिए 23वां सीआईआई नेशनल अवार्ड फॉर एक्सीलेंस इन एनर्जी मैनेजमेंट पुरस्कार मिला। सीआईआई द्वारा लगातार तीसरी बार उत्कृष्ट ऊर्जा कुशल इकाई के रूप में मान्यता दी गई है।

Editor in chief | Website |  + posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button