जांजगीर-चाँपा

कलेक्टर ने डी.ई.सी. एवं एलबेंडाजोल की दवा खाकर सामूहिक दवा सेवन तथा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का किया शुभारंभ

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जांजगीर-चांपा (ट्रैक सिटी) कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज डी.ई.सी. एवं एलबेंडाजोल की दवा खाकर सामूहिक दवा सेवन तथा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का शुभारंभ किया। कलेक्टर ने जिले के समस्त हितग्राहियों को दवा सेवन के दौरान डी.ई.सी. एवं एलबेन्डाजोल की दवा का सेवन हेतु अपील की है। इसके साथ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. स्वाति वंदना सिसोदिया द्वारा शासकीय जाज्वलयदेव कन्या महाविद्यालय में छात्राओं को डी.ई.सी. एवं एलबेंडाजोल की दवा खिलाकर शुभारंभ किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस व्ही. सिसोदिया द्वारा बताया गया कि 10 अगस्त 2023 से 12 अगस्त 2023 तक प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय दिवस में स्कुल, आंगनबाडी, तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान, महाविद्यालयों, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रो में सामुहिक दवा सेवन कराया जायेगा तथा शेष दिवसों में स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाडी कार्यकर्ता एवं मितानिन द्वारा घर-घर जाकर एवं स्वस्थ्य केंद्रो में दवा सेवन कराया जायेगा।
मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि हाथीपांव (फाइलेरिया) रोग क्युलेक्स मच्छरों के काटने से होता है। जब ये मच्छर हाथीपांव के रोगी को काटते है। तो इस बीमरी के रोगाणु मच्छर के पेट में जाकर पनपते है। यही मच्छर जब कुछ दिनों के बाद किसी स्वस्थ्य व्यक्ति को काटते हैं तो ये रोगाणु स्वस्थ व्यक्ति के लसिका ग्रंथि में पहुंच जाते है और इस प्रकार हाथीपांव की बीमारी हो सकती है। यह बीमारी किसी को भी हो सकती है, इसके लक्षण मच्छर के काटने के कई महीने के बाद प्रगट होते है, इसमें ज्वर आता है तथा पांव या अंडकोष में सुजन आ जाती है क्योंकि इस बीमारी से काफी तकलीफ होती है, इसलिये इस बीमारी की रोकथाम हेतु सामुहिक दवा सेवन के दौरान दवा ली जानी आवश्यक है।

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