कोरबा (ट्रैक सिटी)। सात वर्षीय मासूम के साथ हुई दरिंदगी के विरोध में निकाले गए कैंडल मार्च के दौरान कथित अमर्यादित टिप्पणी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा महिला मोर्चा की नेत्री कविता सोनी के कथित बयान के खिलाफ जिला अधिवक्ता संघ की महिला उपाध्यक्ष अधिवक्ता उर्मिला भगत ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, 25 अक्टूबर 2026 को टीपी नगर चौक में आयोजित कैंडल मार्च के दौरान मीडिया कैमरों के सामने मृत बच्ची के निजी अंगों को लेकर कथित तौर पर अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया गया। अधिवक्ता उर्मिला भगत ने इसे मृत नाबालिग की गरिमा और महिला सम्मान के प्रतिकूल बताते हुए आपत्ति जताई है।
वीडियो हटाने और सार्वजनिक माफी की मांग
उर्मिला भगत ने शिकायत में संबंधित वीडियो के विवादित अंश को हटाने, संबंधित वक्ता से सार्वजनिक माफी मंगवाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुलिस प्रशासन से एडवाइजरी जारी करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि बाल अपराध जैसे संवेदनशील मामले में विरोध दर्ज कराते समय भाषा की मर्यादा और पीड़ित परिवार की भावनाओं का ध्यान रखना आवश्यक है।
POCSO और IPC की धाराओं का उल्लेख
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में पॉक्सो अधिनियम की धारा 23 और भारतीय दंड संहिता की धारा 79 का उल्लेख करते हुए मामले की जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, शिकायत में कानूनी धाराओं का उल्लेख अपने आप में अपराध सिद्ध नहीं करता। मामले में संबंधित वीडियो, बयान के पूरे संदर्भ और लागू कानूनी प्रावधानों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
अब पुलिस प्रशासन की जांच और शिकायत पर संभावित कार्रवाई को लेकर नजरें टिकी हैं। न्याय की मांग के बीच मृत बच्ची की गरिमा से जुड़े इस विवाद ने सार्वजनिक कार्यक्रमों में जिम्मेदार और संवेदनशील भाषा के इस्तेमाल पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
