रायगढ़ पुलिस की साइबर टीम ने तीन युवतियों और दो युवकों को पकड़ा, म्यूल बैंक खातों और कॉल सेंटर नेटवर्क का खुलासा
रायगढ़/कोरबा (ट्रैक सिटी)। शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर 34 लाख रुपये से अधिक की ऑनलाइन ठगी करने के मामले में रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर पुलिस थाना रायगढ़ की विशेष टीम ने मध्यप्रदेश के इंदौर में दबिश देकर तीन युवतियों और दो युवकों सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में इंदौर के एक कॉल सेंटर से जुड़े साइबर नेटवर्क, म्यूल बैंक खातों और सिम कार्ड के जरिए ठगी की रकम के लेनदेन से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी से साइबर पुलिस थाने में दर्ज दो अपराधों का खुलासा हुआ है।
शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर ठगी
पुलिस के अनुसार, रायगढ़ के सोनकरपारा निवासी डॉ. दिलीप कुमार मिश्रा को शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। आरोपियों ने उन्हें निवेश के लिए प्रेरित किया और ऑनलाइन पोर्टफोलियो में लगातार बढ़ता हुआ लाभ दिखाया। इस पर भरोसा कर डॉ. मिश्रा ने 28 अप्रैल 2025 से 3 अप्रैल 2026 के बीच कुल 34 लाख 17 हजार 531 रुपये निवेश कर दिए।
जब उन्होंने अपनी निवेश की रकम निकालने का प्रयास किया, तो वे राशि निकालने में असमर्थ रहे। इसके बाद भी उनसे अतिरिक्त रकम निवेश करने के लिए कहा जाने लगा। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की। शिकायत की जांच के बाद साइबर पुलिस थाना रायगढ़ में अपराध क्रमांक 06/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 3(5) में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
म्यूल बैंक खातों से रकम का लेनदेन
जांच के दौरान बैंक खातों के कथित दुरुपयोग और कमीशन के बदले रकम प्राप्त करने का मामला भी सामने आया। पुलिस के मुताबिक, सूरज शर्मा और गायत्री कुमारी विश्वकर्मा की भूमिका बैंक खाते उपलब्ध कराने तथा उनके जरिए आर्थिक लाभ अर्जित करने के मामले में सामने आई। इस संबंध में 30 सितंबर 2026 को अपराध क्रमांक 13/2026 के तहत धारा 318(4) और 3(5) बीएनएस में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस की विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर इंदौर में दबिश देकर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब साइबर ठगी के नेटवर्क, बैंक खातों, सिम कार्ड और रकम के लेनदेन से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
1. ज्योति मालवीय (20 वर्ष) — निवासी मोहनीपुरा, थाना ब्यावरा, जिला राजगढ़, मध्यप्रदेश; वर्तमान पता विजय नगर, इंदौर।
2. तनिषा पाटिल (21 वर्ष)— निवासी कृष्णबाग कॉलोनी, थाना विजय नगर, जिला इंदौर, मध्यप्रदेश।
3. तरुण नागर (23 वर्ष) — निवासी जिला राजगढ़, मध्यप्रदेश; वर्तमान पता नंदा नगर, थाना परदेशीपुरा, इंदौर।
4. गायत्री कुमारी विश्वकर्मा (21 वर्ष) — निवासी शौकी नगर, किरोड़ीमल नगर, थाना कोतरारोड, रायगढ़; वर्तमान पता विजय नगर, इंदौर।
5. सूरज शर्मा (21 वर्ष) — निवासी हिल व्यू कॉलोनी, पतरापाली, थाना कोतरारोड, रायगढ़।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और पुष्पेन्द्र बघेल के मार्गदर्शन में की गई। मामले का खुलासा करने वाली टीम में साइबर निरीक्षक विजय चेलक, निरीक्षक विमल राय, एएसआई नंद कुमार सारथी, आरक्षक महेश पंडा, पुष्पेन्द्र जाटवर, प्रशांत पंडा, जितेन्द्र कुर्रे, रविन्द्र गुप्ता, धर्मेन्द्र सिंह, विकास प्रधान तथा महिला आरक्षक लता नारंगे और यशोमति की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की कार्रवाई से ऑनलाइन निवेश के नाम पर संचालित ठगी के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। मामले में आरोपियों की भूमिका और वित्तीय लेनदेन से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच जारी है।
