कोरबा

जिला स्तरीय स्वस्थ बालक-बालिका स्पर्धा की तैयारियों के लिए प्रशिक्षण संपन्न

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (1)

कोरबा/ भारत सरकार महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संपूर्ण भारत में 21 मार्च से 27 मार्च तक 0 से 6 वर्ष के समस्त बच्चों के लिए स्वस्थ बालक – बालिका स्पर्धा का आयोजन किया जायेगा। जिसमें से 6 वर्ष तक के समस्त बच्चों का वजन व उंचाई प्रतिस्पर्धा का आयोजन किया जायेगा। इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। जिसमें 8 परियोजना अधिकारी व 82 पर्यवेक्षको तथा अन्य संस्था-एजेंसियों से 5 लोगो ने भाग लिया। इस प्रशिक्षण में संचालनालय रायपुर महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा कोरबा जिले के लिए नियुक्त किये गये नोडल अधिकारी  एस के. चौबे, संयुक्त संचालक ने मैदानी स्तर पर सूक्ष्म कार्य योजना पर किये जा रहे तैयारी की समीक्षा की। उन्होंने इस प्रतिस्पर्धा में 6 वर्ष तक के समस्त बच्चों का वजन व उंचाई लेकर उसे कार्यकर्ता द्वारा पोषण ट्रेकर ऐप में एंट्री करने को कहा। प्रशिक्षण के पश्चात पर्यवेक्षको के द्वारा सेक्टर स्तर पर प्रशिक्षण दिया जायेगा। जिसमें पोषण ट्रेकर ऐप में वजन व उंचाई की प्रक्रिया को सिखाया जायेगा।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग एम.डी.नायक ने बताया कि स्वस्थ बालक बालिका स्पर्धा का आयोजन सामुदायिक भागीदारी तथा स्वस्थ बच्चे की पहचान और उसके प्रदर्शन पर आधारित है। इस प्रतिस्पर्धा में बच्चों की बीच स्वास्थ्य और पोषण को बढ़ावा देने के लिये माता-पिता के बीच प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा कर जागरूकता लाना है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के पोषण की स्थिति में सुधार, कुपोषित बच्चों के साथ-साथ स्वस्थ बच्चों पर अधिक ध्यान देना है। साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से संबधित्त मुद्दों पर समुदाय का भावनात्मक जुड़ाव पैदा करना एवं इस तरह के आयोजन से पोषण, स्वास्थ्य और वेलनेस के मुद्दों पर समुदाय को संगठित – संवेदनशील बनाना भी कार्यक्रम का उद्देश्य है। कार्यक्रम के माध्यम से छूटे हुए बच्चों के लिए आईसीडीएस सेवाओं का विस्तार करना और माता-पिता एवं बच्चों में स्वस्थ बनने के लिए प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा किया जायेगा। वर्तमान में 0 से 6 वर्ष की आयु के लगभग 57 प्रतिशत् बच्चे आईसीडीएस योजना के तहत लाभ ले रहे हैं। इस तरह के आयोजन से शेष बच्चों को योजना के तहत पंजीकृत होने और योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया जायेगा। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों के नियमित विकास की निगरानी की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देकर कुपोषण की समस्या का आकलन किया जायेगा। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकांश बच्चों के लिए ऊंचाई, वजन और उम्र के डेटाबेस को मजबूत करने में मदद हासिल करना, जिससे प्रत्येक जिले में बौनापन, दुबलापन और कम वजन वाले बच्चों की पहचान हो सके। उपचारात्मक हस्तक्षेप के लिए वही डेटा जिला अधिकारियों के साथ साझा किया जाएगा। इस प्रतिस्पर्धा में तीन तरह से भाग लिया जा सकेगा जिसमें पहला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, दूसरा स्वयं पालक गण व तीसरे में स्थानीय संस्था-एजेसियों द्वारा। इस स्पर्धा में भाग लेने के लिये 0 से 6 वर्ष के बच्चों को नजदीकी आंगनबाड़ी केन्द्रो मे जाकर उसकी वजन व उंचाई कर उसे पोषण ट्रेकर ऐप में प्रविष्टि कराना होगा। इस हेतु समुदाय स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा इसका व्यापक रूप में प्रचार प्रसार किया जा रहा है। जिसमें मुनीयादी, रैली, दिवाल लेखन, जागरूकता रथ आदि के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जा रहा है। इस एक दिवसीय प्रशिक्षण में अरूण कुमार पाण्डे महिला एवं बाल विकास विभाग कोरबा से उपस्थित थे। इस प्रशिक्षण को अनिल देवांगन जिला समन्वयक संस्था वर्ल्डविजन इंडिया द्वारा प्रदान किया गया।

Editor in chief | Website |  + posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button