PV ऐप के विरोध में 13 अक्टूबर से जारी है अनिश्चितकालीन हड़ताल, संघ ने लगाया दमनात्मक कार्रवाई का आरोप
कोरबा (ट्रैक सिटी)। छत्तीसगढ़ में राजस्व पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष भागवत कश्यप को निलंबित कर दिया है। राजस्व विभाग की इस कार्रवाई के बाद शासन और पटवारी संघ के बीच टकराव बढ़ने के आसार हैं।
दरअसल, प्रदेशभर के पटवारी 13 अक्टूबर से PV ऐप के माध्यम से फसलों के भौतिक सत्यापन में आ रही तकनीकी और व्यवहारिक समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। पटवारी संघ का कहना है कि पहले से ही पटवारियों पर कई विभागीय और सर्वे संबंधी जिम्मेदारियां हैं। ऐसे में ऐप की मौजूदा व्यवस्था में आ रही परेशानियों का व्यावहारिक समाधान जरूरी है।
राजस्व विभाग के निलंबन आदेश के अनुसार, भागवत कश्यप जब मुकडेगा तहसील में पदस्थ थे, उस दौरान उनके खिलाफ प्रशासनिक एवं राजस्व कार्यों में कथित लापरवाही और अनियमितताओं को लेकर 30 सितंबर 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उन्होंने 5 अक्टूबर को जवाब के लिए दो सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा था, लेकिन विभाग के मुताबिक निर्धारित समय में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसी आधार पर विभाग ने निलंबन की कार्रवाई की है।
संघ ने बताया दमनात्मक कार्रवाई
पटवारी संघ ने इस कार्रवाई को दमनात्मक बताते हुए आरोप लगाया है कि PV ऐप का विरोध करने पर पदाधिकारियों और कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है। संघ का दावा है कि बलौदाबाजार जिले में कई पटवारियों के तबादले और कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि महासमुंद जिले में भी कुछ पटवारियों को निलंबित किया गया है। संघ ने शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर इन कार्रवाइयों को वापस लेने की मांग की है।
राजस्व कार्यों पर पड़ सकता है असर
प्रदेश अध्यक्ष के निलंबन के बाद पटवारी संघ और शासन के बीच गतिरोध बढ़ गया है। एक ओर पटवारी PV ऐप की समस्याओं के समाधान की मांग पर अड़े हैं, वहीं दूसरी ओर विभागीय कार्रवाई जारी है। ऐसे में हड़ताल समाप्त होने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इसका असर राजस्व संबंधी कार्यों, फसल सत्यापन और आम नागरिकों के राजस्व संबंधी कामकाज पर पड़ सकता है।
