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रिसर्च के क्षेत्र में करें बेहतर प्रयास, स्थानीय संसाधनों पर केन्द्रित रिसर्च को दें बढ़ावा – आयुक्त उच्च शिक्षा डॉ.संतोष देवांगन।

शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ में आयोजित हुआ एक दिवसीय कार्यशाला।

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(ट्रैक सिटी)/ उच्च शिक्षा आयुक्त  डॉ.संतोष देवांगन के मुख्य आतिथ्य में आज शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 रू क्रियान्वयन के बिन्दु पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ के कुलपति प्रो. डॉ. ललित प्रकाश पटैरिया एवं डॉ.प्रवीण कुमार पाण्डेय संभागीय अपर संचालक उच्च शिक्षा बिलासपुर  उपस्थित थे।

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आयुक्त, उच्च शिक्षा डॉ. संतोष देवांगन ने अपने गुरूजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन से संबंधित विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने रिसर्च के क्षेत्र में उच्च शिक्षा में बेहतर प्रयासों के लिए प्राध्यापकों से कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। उन्होंने स्थानीय संसाधनों पर क्रेन्द्रित रिसर्च को बढ़ावा देने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आरंभ की गई एनईपी कार्यक्रम उच्च शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय भी चाहते हैं कि हमारे विद्यार्थी राज्य से बाहर न जाएँ, बल्कि छत्तीसगढ़ में ही उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और वे यहीं से रोजगार प्राप्त करें।

आयुक्त, उच्च शिक्षा डॉ.संतोष देवांगन ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि छात्रों को ऐसा कौशल देना है जो उन्हें रोजगार दिला सके। इसी दिशा में रूसा के माध्यम से उद्योग और शिक्षा संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है, जिससे छात्रों को प्रशिक्षण और अवसर मिल सके। रायगढ़ क्षेत्र में पांडुलिपियों और ऐतिहासिक धरोहरों की अपार संपदा है। साथ ही हाथी प्रभावित क्षेत्रों जैसे धरमजयगढ़ में वन विभाग के साथ मिलकर शोध और समाधान की दिशा में कार्य किया जा सकता है। इन क्षेत्रों में अनुसंधान की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी इस मिशन में सक्रिय भूमिका निभाएँ, ताकि हम छत्तीसगढ़ को शिक्षा और शोध का एक आदर्श केंद्र बना सकें। इस दौरान उन्होंने सभी गतिविधियों में भागीदारी सुनिश्चित कर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले महाविद्यालयों को गतिविधियां संचालित करने हेतु आर्थिक सहायता प्रदान के साथ सम्मानित करने की बात कही।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ.इन्दु अनंत संयुक्त संचालक उच्च शिक्षा डॉ.घनश्याम,  ओ.एस.डी (एनईपी) उच्च शिक्षा डॉ. डी के श्रीवास्तव ने भी कार्यशाला  को संबोधित किया। मुख्य वक्ताओं ने प्रश्नोत्तर सत्र में नोडल अधिकारियों की समस्याओं को गंभीरतापूवर्क सुना और उनके समस्याओं का समाधान भी बताया।

इस अवसर पर इस अवसर पर विश्वविद्यालय के परीक्षा प्रभारी सुनील अग्रवाल, अकादमी प्रभारी डॉ.नीरजा तिवारी सहित प्रभारी अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं विश्वविद्यालय के सभी अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

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