कोरबा

निगम ने की गोबर पेंट से नवनिर्मित सामुदायिक भवन की पोताई

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (1)
गोबर पेंट से पेटिंग होने वाला जिले का शायद पहला भवन होगा
आयुक्त के निर्देश-निगम के सभी भवन अब अनिवार्य रूप से गोबर पेंट से ही पोते जाएं

कोरबा 02 मार्च (ट्रैक सिटी न्यूज़) नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा अभी हाल ही में बनाए गए सामुदायिक भवन की पेंटिंग गोबर पेंट से कराई गई हैं, यह सामुदायिक भवन गोबर पेंट से पेंटिंग होने वाला जिले का शायद पहला भवन होगा। वहीं आयुक्त प्रभाकर पाण्डेय ने निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निगम के सभी नवनिर्मित भवन अब अनिवार्य रूप से गोबर पेंट से ही पोते जाएं, वहीं पुराने भवनों की जब पोताई का कार्य हो तो अनिवार्य रूप से केवल गोबर पेंट ही उपयोग में लाया जाए।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07

यहॉं उल्लेखनीय है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अनोखी पहल करते हुए गाय के गोबर से बने जैविक पेंट से ही राज्य के सरकारी भवनों, स्कूलों और छात्रावासों की पोताई किए जाने के निर्देश दिए हैं, जिसके परिपालन में प्रदेश के शासकीय भवनों की पोताई गाय के गोबर से बने पेंन्ट्स से की जा रही है। नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा अभी हाल ही में बनाए गए सामुदायिक भवन की पेंटिंग पोताई का कार्य गोबर से बने पेंट से कराया गया है, गाय के गोबर से बने प्राकृतिक पेंट के इस्तेमाल से न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्राप्त होगी क्योंकि गोठानों में गोबर पेंट के निर्माण कार्य में स्थानीय महिलाएं व महिला स्वसहायता समूह जुडे़ हुए हैं, यहॉं यह उल्लेख करना लाजिमी होगा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में दो वर्ष पहले गोधन न्याय योजना की शुरूआत की थी, जिसके तहत गोठानों व गोबर खरीदी केन्द्रों में पशुपालकों व किसानों से 02 रूपये प्रतिकिलो के हिसाब से गोबर और 04 रूपये प्रतिकिलो के हिसाब से गौमूत्र खरीदा जा रहा है, राज्य शासन के दिशा निर्देशों के अनुरूप गोबर से किए जा रहे पूर्व के उत्पादों के अतिरिक्त अब गोबर पेंट का निर्माण भी किया जा रहा है।

Editor in chief | Website |  + posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button