कोरबा

पिता की ग्रेच्युटी और बीमा राशि में कथित फर्जीवाड़ा: बेटी ने मां और भाई पर दर्ज कराया आपराधिक मामला, कोर्ट के आदेश पर एफआईआर

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कोरबा (ट्रैक सिटी)। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा सत्यानंद प्रसाद के आदेश के बाद एक बहुचर्चित कथित फर्जीवाड़े के मामले में बेटी ने अपनी ही मां और भाई के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया है। परिवादिनी चेतना सिंह की शिकायत पर मानिकपुर चौकी, थाना कोतवाली पुलिस ने पुष्पा सिंह और कुलदीप सिंह के विरुद्ध धोखाधड़ी, कूटरचना, जालसाजी तथा फर्जी दस्तावेजों के उपयोग से संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
मामला एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र में डंपर ऑपरेटर रहे स्वर्गीय नवरतन सिंह की मृत्यु के बाद मिलने वाली ग्रेच्युटी, सीएमपीएफ (CMPF), एलआईसी की बीमा पॉलिसियों और अन्य वित्तीय लाभों से जुड़ा हुआ है।
परिवादिनी चेतना सिंह का आरोप है कि उसके पिता की पहली पत्नी टिकैतीन बाई ही सेवा अभिलेखों, बीमा पॉलिसियों और अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड में वैध पत्नी एवं नामिनी के रूप में दर्ज थीं। उनका नवरतन सिंह से कभी विधिवत तलाक नहीं हुआ था और न ही सेवा अभिलेखों से उनका नाम हटाया गया था।
शिकायत के अनुसार, बाद में नवरतन सिंह ने पुष्पा सिंह से विवाह किया, जिससे चेतना सिंह, कुलदीप सिंह और कृष्णा सिंह का जन्म हुआ। पिता के निधन के बाद पुष्पा सिंह ने कथित रूप से स्वयं को टिकैतीन बाई बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उन्हीं के आधार पर एसईसीएल से ग्रेच्युटी, सीएमपीएफ सहित अन्य देय राशि तथा भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की पॉलिसियों का भुगतान प्राप्त कर लिया।
परिवादिनी का यह भी आरोप है कि टिकैतीन बाई और पुष्पा सिंह के नाम मतदाता सूची में अलग-अलग क्रमांक पर दर्ज हैं, जिससे दोनों के अलग-अलग व्यक्ति होने का प्रमाण मिलता है। इसके बावजूद कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर दोनों को एक ही व्यक्ति दर्शाया गया और इन्हीं दस्तावेजों का उपयोग विभिन्न सरकारी एवं वित्तीय संस्थानों से भुगतान प्राप्त करने के लिए किया गया।
चेतना सिंह का कहना है कि उसने पहले पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। मामले की सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण करते हुए प्रथम दृष्टया इसे भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत दंडनीय अपराध माना और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 175(3) के अंतर्गत एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
न्यायालय के निर्देश के पालन में मानिकपुर चौकी पुलिस ने पुष्पा सिंह और कुलदीप सिंह के विरुद्ध आपराधिक षड्यंत्र, जालसाजी, कूटरचना एवं फर्जी दस्तावेजों के उपयोग से संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान सेवा अभिलेखों, बीमा रिकॉर्ड, मतदाता सूची सहित अन्य संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण किया जाएगा। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
(नोट: यह मामला वर्तमान में जांचाधीन है। आरोप शिकायत और न्यायालय के आदेश के आधार पर दर्ज किए गए हैं। आरोपित पक्ष का पक्ष या प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

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