कोरबा (ट्रैक सिटी)। कोरबा जिले में एक दोपहिया वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता लोकेश अग्रवाल ने मानिकपुर चौकी में लिखित आवेदन देकर मामले की जांच कराने और तथ्यों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एक स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल पर उनके भाई के नाम पर पंजीकृत एक्टिवा स्कूटी का नंबर इस्तेमाल किया जा रहा था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 27 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे लोकेश अग्रवाल दादर से रविशंकर शुक्ला नगर स्थित अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर एक स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल पर पड़ी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, मोटरसाइकिल पर लगा रजिस्ट्रेशन नंबर CG 12 BP 4887 उनके भाई अंचल अग्रवाल के नाम पर पंजीकृत काले रंग की एक्टिवा स्कूटी का है। अलग-अलग प्रकार के वाहनों पर एक ही पंजीकरण नंबर के इस्तेमाल की आशंका को लेकर उन्होंने पुलिस का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित किया है।
शराब के नशे में वाहन चलाने की भी आशंका
शिकायत में लोकेश अग्रवाल ने उल्लेख किया है कि मोटरसाइकिल चला रहा व्यक्ति उन्हें शराब के नशे में प्रतीत हो रहा था। उन्होंने आशंका जताई कि यदि संबंधित मोटरसाइकिल से कोई सड़क दुर्घटना या अन्य अप्रिय घटना होती है, तो गलत नंबर के इस्तेमाल के कारण उनके भाई को अनावश्यक कानूनी और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
शिकायतकर्ता ने आवेदन में अरुण सिंह का नाम लेते हुए संबंधित मोटरसाइकिल की पहचान करने और पूरे मामले की जांच कराने का अनुरोध किया है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
CCTV फुटेज की जांच की मांग
लोकेश अग्रवाल ने पुलिस से दादर रोड और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने की मांग की है, ताकि संबंधित मोटरसाइकिल और उसके चालक की पहचान की जा सके। साथ ही, वाहन के वास्तविक पंजीकरण विवरण का सत्यापन कर यह पता लगाने का आग्रह किया गया है कि एक्टिवा का नंबर किसी अन्य वाहन पर किस परिस्थिति में इस्तेमाल किया जा रहा था।
उन्होंने पुलिस से कथित तौर पर गलत रजिस्ट्रेशन नंबर लगाने और शराब पीकर वाहन चलाने की आशंका से जुड़े पहलुओं की अलग-अलग जांच करने की मांग की है। इसके अलावा, शिकायत को संबंधित वाहन के रिकॉर्ड में दर्ज करने का अनुरोध भी किया गया है, जिससे भविष्य में किसी संभावित घटना की स्थिति में वास्तविक तथ्यों का पता लगाने में मदद मिल सके।
फिलहाल, यह मामला शिकायत के स्तर पर है। रजिस्ट्रेशन नंबर के कथित दुरुपयोग, चालक की स्थिति और शिकायत में उल्लिखित व्यक्ति की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच और आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

