पहले कांग्रेसियों ने किया था प्रदर्शन, अब सोशल मीडिया पर सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठ रही आवाजें
कोरबा (ट्रैक सिटी)। राताखार के मुख्य मार्ग पर निर्मित सीसी रोड की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। सड़क निर्माण को लेकर पहले कांग्रेसियों ने प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। अब एक बार फिर सोशल मीडिया के माध्यम से सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की मांग की जा रही है।
सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट में राताखार की सीसी रोड के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर चिंता जताई गई है। पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि जब शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के स्तर पर विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही जाती है, तो इसके बावजूद स्थानीय लोगों को गुणवत्तापूर्ण सड़क के लिए सवाल क्यों उठाने पड़ रहे हैं।
पोस्ट में सड़क निर्माण की गुणवत्ता का आकलन केवल सड़क की ऊपरी सतह या उद्घाटन के आधार पर करने के बजाय तकनीकी मानकों के अनुसार करने की बात कही गई है। इसके लिए सड़क की निर्धारित मोटाई, निर्माण में उपयोग की गई सीमेंट, गिट्टी और रेत की गुणवत्ता तथा निर्धारित तकनीकी मानकों के पालन की जांच कराने की मांग की गई है।
मामले में निर्माण कार्य से संबंधित स्वीकृत प्राक्कलन, तकनीकी मापदंडों और विभागीय अभिलेखों के आधार पर जांच किए जाने की आवश्यकता भी सामने आई है। यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो नियमानुसार जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
पहले प्रदर्शन, अब सोशल मीडिया पर सवाल
राताखार की सड़क का मुद्दा पहले भी सार्वजनिक रूप से उठ चुका है। कांग्रेसियों के प्रदर्शन के बाद अब सोशल मीडिया पर इस विषय को दोबारा उठाया जाना बताता है कि सड़क की गुणवत्ता को लेकर बहस अभी समाप्त नहीं हुई है। हालांकि, निर्माण कार्य में गड़बड़ी की पुष्टि तकनीकी जांच और संबंधित विभाग के अभिलेखों के परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।
जांच से ही स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने के लिए क्या कदम उठाता है। सड़क की मोटाई, निर्माण सामग्री और निर्धारित मानकों की निष्पक्ष जांच होने से न केवल स्थानीय लोगों की शंकाओं का समाधान हो सकेगा, बल्कि निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति भी सामने आएगी।
