एकता नगर की परेड का लाइव प्रसारण देख गूंज उठीं तालियां, हथियारों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण
कोरबा (ट्रैक सिटी)। देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रतीक लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कोरबा जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर कुणाल दुदावत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। आयोजन में पुलिस के जवानों के साथ बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट्स और स्काउट के बच्चों ने भी सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम के दौरान गुजरात के एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस के मुख्य समारोह और भव्य एकता परेड का कलेक्ट्रेट सभागार में प्रोजेक्टर के माध्यम से लाइव प्रसारण किया गया। सभागार में बड़ी स्क्रीन पर प्रसारित हो रहे इस कार्यक्रम को अधिकारियों, पुलिस जवानों, एनसीसी कैडेट्स और स्काउट के बच्चों ने उत्साह के साथ देखा। एकता नगर में आयोजित परेड की अलग-अलग टुकड़ियों और देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभागार में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
एकता परेड की थीम रही ‘नक्सल मुक्त भारत’
एकता नगर में आयोजित इस वर्ष की एकता परेड की विशेष थीम ‘नक्सल मुक्त भारत’ रखी गई थी। इसका उद्देश्य देश को नक्सलवाद से मुक्त बनाने के संकल्प और इस दिशा में सुरक्षा बलों के साहस, त्याग एवं योगदान को प्रदर्शित करना था। परेड में उन सुरक्षा बलों की टुकड़ियों को विशेष स्थान दिया गया, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चलाकर शांति और सुरक्षा स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
परेड में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की कोबरा बटालियन, छत्तीसगढ़ महिला बस्तर फाइटर्स और छत्तीसगढ़ पुलिस की डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) की टुकड़ी शामिल हुई। इन सभी बलों की मौजूदगी ने नक्सल मुक्त भारत के संकल्प को मजबूती से प्रदर्शित किया। परेड के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि देश की आंतरिक सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल लगातार कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के जवानों को देखकर सभागार में गूंज उठीं तालियां
एकता परेड का सबसे भावुक और उत्साहपूर्ण क्षण उस समय देखने को मिला, जब छत्तीसगढ़ के सुरक्षा बलों की टुकड़ी परेड में शामिल हुई। जैसे ही छत्तीसगढ़ के जवान स्क्रीन पर दिखाई दिए, कोरबा के कलेक्ट्रेट सभागार में बैठे अधिकारियों, पुलिस जवानों और अन्य उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ महिला बस्तर फाइटर्स और डीआरजी के जवानों की उपस्थिति ने लोगों में गर्व और उत्साह का माहौल पैदा किया।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच अपनी सेवाएं देने वाले इन जवानों की भूमिका को परेड के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। महिला बस्तर फाइटर्स की भागीदारी ने यह भी दर्शाया कि प्रदेश की महिलाएं आंतरिक सुरक्षा और नक्सल विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
लोक वाद्य यंत्रों के साथ ‘सारे जहां से अच्छा’ की धुन
एकता परेड में केवल सुरक्षा बलों की अनुशासित टुकड़ियां ही आकर्षण का केंद्र नहीं रहीं, बल्कि सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी समारोह को खास बना दिया। परेड के दौरान पारंपरिक लोक वाद्य यंत्रों के साथ देशभक्ति गीत ‘सारे जहां से अच्छा, हिंदोस्तां हमारा’ की धुन प्रस्तुत की गई। भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और राष्ट्रीय एकता का सुंदर संगम इस प्रस्तुति में देखने को मिला।
पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर आगे बढ़ती परेड ने देश की सांस्कृतिक विविधता के बीच एकता का संदेश दिया। वहीं परेड में श्वान दल की सहभागिता भी विशेष आकर्षण रही। पुलिस और सुरक्षा बलों के श्वान दल की भूमिका को प्रदर्शित करते हुए सुरक्षा व्यवस्था में प्रशिक्षित श्वानों के महत्व को सामने रखा गया।
कलेक्ट्रेट सभागार में हथियारों की प्रदर्शनी भी लगाई गई
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर कोरबा के कलेक्ट्रेट सभागार में पुलिस विभाग की ओर से हथियारों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इसमें पुलिस द्वारा उपयोग किए जाने वाले विभिन्न प्रकार के हथियारों और सुरक्षा उपकरणों को प्रदर्शित किया गया। एनसीसी कैडेट्स और स्काउट के बच्चों ने प्रदर्शनी में विशेष रुचि दिखाई। उन्हें पुलिस और सुरक्षा बलों की कार्यप्रणाली, आंतरिक सुरक्षा में हथियारों की भूमिका तथा सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित उपकरणों को नजदीक से देखने और समझने का अवसर मिला।
कलेक्टर कुणाल दुदावत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय एकता दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला गया। प्रोजेक्टर के माध्यम से एकता नगर के मुख्य समारोह का लाइव प्रसारण और हथियारों की प्रदर्शनी ने कार्यक्रम को जानकारीपूर्ण और प्रेरणादायक बनाया।
सरदार पटेल के योगदान को किया गया याद
गौरतलब है कि सरदार वल्लभभाई पटेल को भारत के लौह पुरुष के रूप में जाना जाता है। स्वतंत्रता के बाद देश की सैकड़ों रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण में उनकी ऐतिहासिक भूमिका रही। उनके इसी योगदान को सम्मान देने और देशवासियों में राष्ट्रीय एकता की भावना मजबूत करने के उद्देश्य से हर वर्ष 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है।
कोरबा में आयोजित इस कार्यक्रम ने नई पीढ़ी को सरदार पटेल के विचारों, देश की एकता-अखंडता और सुरक्षा बलों के योगदान से जोड़ने का काम किया। एनसीसी कैडेट्स और स्काउट के बच्चों की सहभागिता से यह संदेश भी दिया गया कि देश की एकता और सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल सुरक्षा बलों की ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की है।
